किच्छा नगर निकाय चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच के बाद किच्छा और सिरौलीकलां में पांच नामांकन निरस्त कर दिए गए। निर्वाचन अधिकारी हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि किच्छा नगर पालिका के लिए अध्यक्ष पद के प्रत्याशी एवं देवभूमि व्यापार मंडल अध्यक्ष विजय कुमार उर्फ विजय अरोड़ा का नामांकन अतिक्रमण की पुष्टि होने पर निरस्त किया गया है।
इसके अलावा वार्ड-10 से सभासद प्रत्याशी स्वरूप जायसवाल का नामांकन भी रद्द किया गया। जायसवाल ने उत्तर प्रदेश का जाति प्रमाणपत्र लगाया था। उधर, सिरौलीकलां के निर्वाचन अधिकारी संजय छिम्वाल ने बताया कि वार्ड-2 के वसीम अकरम का जाति प्रमाणपत्र वर्ष 2016 से पहले का होने के कारण नामांकन निरस्त किया गया। वहीं, वार्ड-2 की फरीश बानो और वार्ड-3 की सलमा बी के दो से अधिक बच्चे होने के कारण उनके पर्चे खारिज कर दिए गए।
व्यापार मंडल अध्यक्ष बोले- मेरे साथ राजनीति हुई
किच्छा और सिरौली के सभी मतदान केंद्र अति संवेदनशील
किच्छा नगर पालिका चुनाव के लिए पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कोतवाल रवि कुमार सैनी ने शनिवार को किच्छा और सिरौलीकलां के मतदान स्थलों का निरीक्षण किया। निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, किच्छा नगर पालिका क्षेत्र में 19 मतदान स्थलों पर 56 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। वहीं, नगर पंचायत सिरौलीकलां में चार मतदान स्थलों पर 13 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां के भी सभी 13 मतदान केंद्र अति संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। पुलिस विभाग के अनुसार, सभी अति संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
20 में से 16 वार्डों में भाजपा ने उतारे प्रत्याशी
अब निर्दलीय लड़ेंगे पूर्व पालिकाध्यक्ष के बेटे दिव्यांशु
10 साल तक पालिका के चेयरमैन रहे स्व. सुरेश अग्रवाल के बेटे दिव्यांशु अग्रवाल वार्ड-12 से निर्दलीय सभासद चुनाव लड़ेंगे। दिव्यांशु ने आरोप लगाया कि भाजपा के पदाधिकारियों ने एक साल से उन्हें वार्ड-12 से टिकट का आश्वासन दिया था। नामांकन से दो दिन पहले तक आश्वासन दिया गया लेकिन आखिरी समय पर किसी और को प्रत्याशी बना दिया गया। उन्होंने कहा कि उनके पिता भाजपा के कद्दावर नेता थे और दो कार्यकाल तक चेयरमैन रहकर नगर का विकास कराया। वे खुद लंबे समय से वार्ड-12 में सक्रिय हैं और जमीन तैयार कर चुके हैं। दिव्यांशु ने कहा कि यह भाजपा की परंपरा नहीं है। पार्टी कहती है तो करती भी है लेकिन उनके साथ न्याय नहीं हुआ।