काशीपुर। नूडल्स बनाने वाली फैक्टरी में कार्यरत तीन मजदूरों की बासी चावल खाने से हालत बिगड़ गई। उनके मुंह से झाग आने लगे और गश खाकर कमरे में ही गिर गए। पड़ोसियों ने उन्हें चामुंडा स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचाया जहां डाक्टरों ने उनमें से एक मजदूर को मृत घोषित कर दिया। मजदूर की मौत फूड प्वायजनिंग से होने का अंदेशा जताया जा रहा है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। उधर दो मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है।
आईटीआई थाने के ग्राम शंकरपुरी में बिहार के छपरा निवासी सोनू सिंह की नूडल्स बनाने की मां दुर्गा इंटरप्राइजेज के नाम से फैक्टरी है। इस फैक्टरी में बिहार के अररिया गोबरा गेरघी निवासी मुस्तकीम (22) व उसका भाई साकिब (18) और बिहार के ही मोतीहारा निवासी इसराफिल काम करते हैं। तीनों फैक्टरी से कुछ दूरी पर किराये पर कमरा लेकर रहते हैं। वह साथ में ही खाना बनाते थे। अक्सर सुबह के समय खाना बनाने के बाद वह उसी खाने को दोपहर और रात में भी खा लेते थे। बुधवार को तीनों ने चावल बनाए। नाश्ता करने के बाद वह चावल और सब्जी लेकर फैक्टरी चले गए। दोपहर में उन्होंने फैक्टरी में ही खाना खाया। रात करीब आठ बजे तीनों मजदूर अपने कमरे पर आ गए।
रात को मुस्तकीम और साकिब ने बचे चावल फ्राई करने के बाद खाए, जबकि इसराफिल ने सादे चावल खाए। चावल खाने के बाद तीनों की हालत अचानक बिगड़ गई। उनका सिर चकराने लगा और मुंह से झाग आने लगे। पड़ोसियों ने उन्हें गंभीर हालत में चामुंडा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां मुस्तकीम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अस्पताल में मृतक के भाई साकिब की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
इसराफिल की हालत में सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सूचना पर पहुंचे एसआई गणेश भट्ट ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। उसके परिजनों के आने की प्रतीक्षा की जा रही है। मृतक अविवाहित था। उधर, आईटीआई थाने में तैनात एसआई महेश चंद्र ने बताया कि रात में उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं मिल सकी थी। बृहस्पतिवार की सुबह काशीपुर पुलिस से इस बाबत जानकारी मिली। मामले की जांच की जा रही है।
मृतक का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर प्रियांक ने बताया कि पोस्टमार्टम से मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। विसरा सुरक्षित रखा गया है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।