बिगवाड़ा क्षेत्र की रॉयल रेजीडेंसी कॉलोनी पॉश इलाकों में आती है। इस कॉलोनी में सरकारी कर्मचारियों के आवासों से लेकर पुलिस महकमे के सेवानिवृत्त अधिकारी और अन्य लोग रहते हैं। लेकिन सुरक्षा के लिहाज से कॉलोनी में सिर्फ दो चौकीदार डंडों के बल पर पहरा देते हैं। कॉलोनी में सिक्योरिटी गार्ड भी तैनात नहीं हैं।
कॉलोनी बनने के बाद पहली बार रेजीडेंसी कॉलोनी में गोलियों की तड़तड़ाहट से कॉलोनी के लोग रातभर दहशत में रहे और रात में ठीक से सो नहीं पाए। खासकर महिला और बच्चों में घटना के बाद से काफी दहशत है। बिगवाड़ा क्षेत्र में कई एकड़ में बनी इस कॉलोनी के पूरब दिशा में अंतिम छोर पर चीनी मिल कर्मी के मकान में रोहित अपने परिवार के साथ किराये पर रहता है।
रोहित के मकान के बराबर से चहारदीवारी नहीं है और न ही कोई तारबाड़ की गई है। बदमाश कॉलोनी के मुख्य गेट से आने के बजाय गेहूं के खेत से होकर रोहित के मकान पर पहुंचे और पाइप की सीढ़ी मकान के पीछे से लगाकर छत पर पहुंचे।
यदि कॉलोनी की चहारदीवारी होती तो शायद फायरिंग करने के बाद एक भी बदमाश मौके से भागने में कामयाब नहीं हो पाता। पहली बार कालोनी में गोलियां चलने से लोग दहशत में हैं और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हालांकि कॉलोनी के लोग घटना की वजह रंजिश मान रहे हैं।
कॉलोनी के लोगों का कहना
- रात को दो चौकीदार डंडे के बल पर पहरा देते हैं। रात को जब गोलियां चलीं तो चौकीदार वहां पहुंचे लेकिन बदमाशों के हाथों में तमंचे देखकर वहां से हट गए। यदि चौकीदारों के पास भी असलहे होते तो शायद बदमाश भाग नहीं पाते। कॉलोनी में बंदूकधारी चौकीदार तैनात होने चाहिए। - मंजीत सिंह।
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- कॉलोनी को मुख्य गेट से तो चहारदीवारी कर सुरक्षित कर दिया गया लेकिन अन्य हिस्सों में चहारदीवारी नहीं की गई है। यही वजह है कि बदमाश आसानी से गेहूं के खेत से होकर कॉलोनी में घुस आए और प्रॉपर्टी डीलर पर हमला कर दिया। जल्द ही कॉलोनी में चहारदीवारी का निर्माण कराया जाना चाहिए। - सुनील गोयल।
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- घायल रोहित संदिग्ध व्यक्ति है। उसके घर हर रोज संदिग्ध लोग आते थे। डकैती के मकसद से तो नहीं आपसी रंजिश के पीछे गोली चलना प्रतीत होता है। कालोनी में रहने वाले किराएदारों का सत्यापन होना चाहिए। - पूरन सिंह बोहरा, सेवानिवृत्त दरोगा।
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- रोहित की गतिविधियां संदिग्ध हैं। उसके घर पर सुबह से शाम तक कई गाड़ियों में लोगों का आना-जाना रहता है। घटना के बाद से ही कॉलोनी के लोगों में दहशत है। लोग अपने परिवारों की सुरक्षा को लेकर फिक्रमंद हैं। - अमनदीप सिंह विर्क, कॉलोनीवासी।
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चौकीदार ने मारी थी टार्च
रुद्रपुर। बदमाश पर जब रोहित के घर से फायरिंग करते हुए निकले तो वहां मौजूद चौकीदार ने टॉर्च से रोशनी की। इस पर बदमाश गेहूं के खेत की तरफ भागने के बजाय रिहायशी कॉलोनी के रास्तों से होकर भागे। हाथों में असलहों के कारण कॉलोनी का कोई भी व्यक्ति बदमाशों से उलझने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
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एसओजी खंगाल रही मोबाइल नंबर
रुद्रपुर। एसओजी की टीम ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद संबंधित क्षेत्र में लगे टावर की रेंज में आने वाले फोन नंबर भी खंगालना शुरू कर दिया है। एसओजी के इंस्पेक्टर उमेश मलिक ने बताया कि सर्विलांस की मदद ली जा रही है।
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कटिया डालकर जलाई जाती है बिजली
रुद्रपुर। रोहित डेढ़ साल से किराये के मकान में रह रहा है। रोहित के मकान मालिक चीनी मिल कर्मी राकेश वर्मा ने फोन पर बताया कि 11 माह का एग्रीमेंट कराने के बाद समय पूरा होने पर जुलाई तक के लिए दोबारा 11 माह का एग्रीमेंट कराया गया था, लेकिन कॉलोनी के अन्य लोगों के विरोध के कारण रोहित को मकान खाली करने को बोला था। बताया कि किराएदार उनके मकान में कटिया डालकर एसी चलाता था।
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मंगलवार को पुलिस ने खंगाला था रोहित का घर
रुद्रपुर। पेश से कारोबारी रोहित के घर मंगलवार को पुलिस फोर्स ने दबिश देकर छानबीन की थी। कोतवाल केसी भट्ट ने बताया कि रोहित के घर पर नकली नोट और अन्य चीजें होने की सूचना मिली थी। लेकिन छानबीन में कुछ नहीं पाया गया था।
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सीसीटीवी में कैद हुए बदमाश
रुद्रपुर। रोहित के घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में बदमाश हाथों में असलहे लेकर घर से बाहर निकलते हुए कैद हुए हैं। सीसीटीवी में पहले रोहित हाथ में असलहा लेकर गेट से बाहर भागता है और फिर उसके पीछे दो बदमाश घर से बाहर निकलते कैद हुए हैं। पुलिस ने सीसीटीवी की डीवीआर को जांच के लिए कब्जे में लिया है।