गूलरभोज। नगर में बौर जलाशय तक जाने वाली सड़क मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल होने के चार साल बाद भी बदहाल बनी हुई है। इस कारण गंतव्य तक पहुंचने वाले सैलानियों को इस मार्ग पर धूल का सामना करना पड़ता है। वहीं इसके निर्माण को लेकर शासन और विभाग के बीच आपत्ति और अनापत्ति का खेल चल रहा है। शासन ने फिर से सड़क की डिजाइनिंग जांचने के निर्देश दिए हैं।
जिले के पर्यटन क्षेत्र में शामिल बौर जलाशय तक पहुंचने के लिए पक्की रोड न होने से यहां पर्यटन बुलंदियों को नहीं छू पा रहा है। वर्ष 2021 में घोषणा के बाद भी यह रोड नहीं बन पा रही है। गूलरभोज बाजार पार करने के बाद बौर तक पहुंचने के लिए लोग पांच किमी ऊबड़-खाबड़ धूल भरी रोड पर चलने के लिए मजबूर हैं।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता बीएस डांगी का कहना है कि पर्यावरण, पर्यटन और वन विभाग की ओर से अनापत्ति पत्र मिल गया है। शासन ने फिर से सड़क की डिजाइनिंग जांचने को कहा है। वर्तमान में पंचायती चुनाव के चलते विभागीय कर्मियों की डयूटी के कारण देरी हो रही है। जल्द ही इसको भी पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सड़क डल बाबा मंदिर से तिलपुरी के जंगलात बैरियर तक 12.675 किलोमीटर लंबी, 3.75 मीटर चौड़ी है। इसके दोनों ओर 1.63 मीटर के शोल्डर बनेंगे। कुल मिलाकर यह सड़क सात मीटर चौड़ी बनेगी।
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सिंचाई से लोनिवि को दिया जा सकता है कार्य
इस रोड की कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग को बनाए जाने की चर्चा है। वहीं अब इस प्रकिया में लोनिवि की सक्रियता बढ़ती जा रही है। इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि यह काम सिंचाई से लोनिवि को दिया जा सकता है। ये भी माना जा रहा है कि राजनीतिक कारणों से इसको जानबूझकर लटकाया जा रहा हो।
इस डेस्टिनेशन को पंख लगाने के लिए सड़क का होना बहुत जरूरी है। कुछ तकनीकी खामियां आ रही हैं जिनको जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। सड़क बनने का कार्य अंतिम पड़ाव पर है जो बहुत जल्दी शुरू हो जाएगा। इससे पर्यटकों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी। — अरविंद पांडेय, क्षेत्रीय विधायक
बॉक्स— इन 9 स्तरों में समझें अबतक का फाइल सफर
अक्तूबर 2021 - सड़क की घोषणा पर 12.675 किमी सीसी सड़क के लिए 16 करोड़ का बजट तैयार कर भेजा।
दिसंबर 2021 - फाइल का बजट अधिक होने पर वापसी के बाद दो फेज में बनाकर भेजा। इसमें पहले फेज में खजिया के समीप तक सात करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेजा।
सितंबर 2022 - तत्कालीन डीएम ने फोरलेन बनाने के लिए फिर से बजट बनाने के निर्देश दिए। विभाग ने 45 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर तीसरी बार शासन को भेजा।
सितंबर 2023 - सड़क बनाने के लिए साढ़े 21 करोड़ का बजट बनाकर चौथी बार मुख्यालय से शासन को भेजा गया।
जनवरी 2024 - साढ़े 18 करोड़ की तकनीकी स्वीकृति मिल गई।
जून 2024 - मुख्य सचिव से मिसिंग लिंक मद से वित्तीय स्वीकृति मिल गई पर स्वीकृति पत्र जारी न होने से धन आवंटन नहीं हो सका।
अक्तूबर 2024 - शासन ने पर्यटन, वन विभाग और पर्यावरण विभाग से अनापत्ति की मांग की।
नवंबर 2024 - यही पत्र पुन: लोनिवि से सिंचाई विभाग को मिला। 2 मई 2025 को लोनिवि से इसका जवाब शासन को भेज गया।
18 जून 2025 - पत्र में शासन ने फिर से सड़क का डिजाइन जांचने को निर्देशित किया है।