जिलों में पहुंची खनिज फाउंडेशन न्यास की संशोधित नियमावली
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। उत्तराखंड जिला खनिज फाउंडेशन न्यास की संशोधित नियमावली 2023 को शासन ने राज्यपाल की मंजूरी के बाद जिलों को भेज दिया है। नई नियमावली के तहत शासी परिषद के अध्यक्ष प्रभारी मंत्री के बजाय डीएम होंगे। अमर उजाला ने संशोधित नियमावली जारी न होने से हो रही दिक्कतों का मामला प्रमुखता से उठाया था। जिला प्रशासन ने संशोधित नियमावली के तहत प्रबंध समिति और शासी परिषद की बैठकों की तैयारी शुरू कर दी है।
भारत सरकार ने 23 अप्रैल 2021 को जिला खनिज फाउंडेशन के ढांचे में बदलाव करते हुए सभी राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेशों को इसका पालन करने के निर्देश दिए थे। इसमें शासी परिषद का अध्यक्ष डीएम को बनाया गया था। आदेश में स्पष्ट कहा गया था कि कोई अन्य व्यक्ति शासी परिषद और प्रबंध समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य नहीं कर सकता है। लोकसभा सांसद और विधायक शासी परिषद के सदस्य होंगे। प्रदेश में आदेश के अनुरूप संशोधित नियमावली जारी न होने से जिलों में प्रबंध समिति और शासी परिषद की बैठकें नहीं हो पा रही थी और फाउंडेशन में जमा करोड़ों रुपयों का बजट भी जारी नहीं हो पा रहा था।
अमर उजाला ने सोमवार के अंक में इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसी बीच शासन के औद्योगिक विकास (खनन) अनुभाग की ओर से संशोधित नियमावली भी जिलों को भेज दी गई है। परिषद में 16 के बजाय 17 सदस्य होंगे। प्रबंध समिति में पूर्व ही तरह 13 सदस्य रहेंगे। शासी परिषद और प्रबंध समिति में खान अधिकारी पूर्व की तरह सदस्य सचिव रहेंगे।
शासी परिषद में पहली बार सदस्य रहेंगे सांसद
रुद्रपुर। प्रबंध समिति में डीएम के अलावा सीडीओ, प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारी रहते हैं। परिषद में पहली बार लोकसभा और राज्यसभा सदस्य भी सदस्य होंगे। राज्यसभा सदस्य अपनी ओर से किसी एक जिले का चयन कर उसका नाम राज्य के सचिव खनन को सूचित करेंगे। सचिव खनन संबंधित डीएम को इसकी सूचना भेजेंगे। डीएम की ओर से नामित खनन प्रभावित क्षेत्रों के दो लोग भी सदस्य होते हैं। संवाद
इंसेट: पट्टेेधारक 25 के बजाए 15 फीसदी जमा करेंगे
रुद्रपुर। संशोधित नियमावली के तहत उपखनिज पट्टेधारकों को फाउंडेशन में जमा की जाने वाली धनराशि में राहत दी गई है। पहले पट्टाधारक राॅयल्टी का 25 फीसदी राॅयल्टी के अतिरिक्त जमा करते थे और अब उनको 15 फीसदी राशि जमा करनी होगी। जल विद्युत परियोजना में उपखनिज उपयोग करने पर उपखनिज पर दी जाने वाली राॅयल्टी की राशि का अब 25 फीसदी के बजाय 15 फीसदी अतिरिक्त राशि जमा करनी होगी। नहर/ जलाशय सफाई या खोदान से प्राप्त उपखनिज पर भुगतान की जाने वाली राशि की राॅयल्टी का 25 फीसदी के बजाय 15 फीसदी अतिरिक्त राशि जमा करनी होगी। संवाद
कोट:
शासन से नियमावली मिल चुकी है। संशोधित नियमावली के तहत अगले दो हफ्तों में प्रबंध समिति, शासी परिषद की बैठक कर ली जाएंगी। इसके बाद खनिज फाउंडेशन का बजट जारी किया जाएगा। इससे खनन प्रभावित क्षेत्रों में कार्य किए जाएंगे। - युगल किशोर पंत, डीएम, ऊधमसिंह नगर।
फोटो 27आरडीपी 06पी: युगल किशोर पंत