आपराधिक घटनाओं में खुलासे और अपराधों की जांच में मददगार डीएनए सैंपल रिपोर्ट अब पुलिस को जल्द मिल सकेगी। विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फोरेंसिक लैब) में जेनेटिक एनेलाइजर मशीन स्थापित की गई है। इस मशीन की मदद से 24 डीएनए सैंपल एक साथ जांचे जा सकेंगे।
रुद्रपुर में स्थापित फोरेंसिक लैब में ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ से विभिन्न आपराधिक मामलों में सैंपल जांच के लिए पुलिस की ओर से भेजे जाते हैं। वर्ष 2017 में शुरू हुई लैब में नारकोटिक्स, विसरा, रिश्वत संबंधी ट्रैप केसों की जांच की जाती थी लेकिन यहां डीएनए सैंपल की जांच की सुविधा नहीं थी। छह जिलों से सैंपल जांच के लिए देहरादून लैब भेजे जाते थे।
वहां से रिपोर्ट आने में कई बार देरी हो जाती थी। इसको देखते हुए सितंबर से रुद्रपुर में भी डीएनए सैंपल की जांच होनी शुरू की गई। अब तक लैब से 350 सैंपलों की जांच कर रिपोर्ट संबंधित जिलों को भेजी जा चुकी है। अब छह जिलों से आने वाले सैंपलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लैब में जेनेटिक एनेलाइजर मशीन स्थापित की गई है।
ऑपरेशन पिंक मुहिम भी की गई शुरू
फोरेंसिक लैब की ओर से कम उम्र के बच्चों के साथ घटित होने वाले अपराधों को लेकर ऑपरेशन पिंक मुहिम शुरू की गई है। इसके तहत एक दिन से लेकर 12 साल तक के बच्चे के साथ होने वाले अपराधों से संबंधित सैंपल की पहले जांच की जा रही है। प्रभारी संयुक्त निदेशक ने बताया कि लैब में जो भी सैंपल आते हैं, उनको जल्द जांचकर रिपोर्ट तैयार की जाती है लेकिन इस मुहिम को छोटे बच्चों के साथ होने वाले अपराधों के बाबत शुरू किया गया है।
ढाई करोड़ रुपये की लागत से लैब में जेनेटिक एनेलाइजर मशीन लगाई गई है। इसकी मदद से एक साथ 24 डीएनए सैंपल की जांच की जा सकती है और रिपोर्ट जल्द संबंधित जिले की पुलिस को भेजी जा सकेगी। मशीन से सैंपल जांचने शुरू कर दिए गए हैं। इससे पहले तक एक बार में आठ सैंपल जांचे जा रहे थे। - डॉ. एमके अग्रवाल, प्रभारी संयुक्त निदेशक, फोरेंसिक लैब