नानकमत्ता में विद्यालय के उच्चीकरण की मांग को लेकर धरने पर बैठे विधायक व ग्रामीण।
नानकमत्ता। नानकमत्ता स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के उच्चीकरण की मांग के लिए गांव में पिछले 18 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना दे रहे ग्रामीणों ने 19वें दिन उप तहसील पहुंचकर धरना दिया। ग्रामीणों के साथ नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा भी धरने पर बैठे। आक्रोशित ग्रामीणों ने मांग पूरी न होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी।
नानक सागर पार बसे गांव सभा ऐचिता विही, देवपुरा और गिद्धौर के ग्रामीणों ने शुक्रवार को उप तहसील में गांव के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के उच्चीकरण की मांग पर धरना देकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि वह पिछले 18 दिनों से गांव के विद्यालय के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन शासन प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वह पिछले 15 वर्षों से विद्यालय के उच्चीकरण की मांग कर रहे हैं लेकिन शासन- प्रशासन गहरी नींद सोया हुआ है। तीन ग्राम सभाओं के जुड़े 12 गांव के बच्चे उच्च शिक्षा के लिए परेशान है। 10 किलोमीटर के बीच में कोई भी इंटर कॉलेज नहीं है। उच्च शिक्षा के लिए उन्हें जंगल व नदी पार करनी पड़ती है, जिसे जान का खतरा बना रहता है। उप तहसील पहुंचे नानकमत्ता विधायक राणा ने ग्रामीणों को बताया कि उन्होंने विधानसभा में विद्यालय के उच्चीकरण की मांग उठाई थी। शिक्षा मंत्री ने उन्हें आश्वासन भी दिया था लेकिन उच्चीकरण नहीं हुआ। विधायक के नेतृत्व में ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार नरेंद्र सिंह गहतोड़ी व बीईओ भानु प्रताप कुशवाहा को मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। वहां पर रविंद्र प्रसाद, हरी राज बिष्ट, मान सिंह, सतई प्रसाद, गुरमीत सिंह, महेश राणा, कमलेश राणा, विमला राणा, सीता राणा, जैल सिंह, कुलदीप सिंह बड़वाल, हरिओम राणा, निक्कू सिंह आदि थे।
खंड शिक्षा अधिकारी, भानुप्रताप कुशवाहा ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालय के उच्चीकरण का प्रस्ताव 22 जनवरी 2026 को भेज दिया गया था। वर्तमान में उच्चीकरण का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है।