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Udham Singh Nagar News: नकली किताब गिरोह का बहु-राज्यीय नेटवर्क बेनकाब

Sun, 05 Apr 2026 01:06 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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रुद्रपुर। जिले के चर्चित एनसीईआरटी किताब घोटाले के मामले में गिरफ्तार नफीस खान उर्फ राजू ने कई बड़े खुलासे किए हैं। सामने आया है कि किरतपुर कोलड़ा स्थित गोदाम में पहले भी नकली किताबों का स्टॉक रखा गया था लेकिन बाद में इसे राजस्थान शिफ्ट कर दिया गया था। वहां से भी अलग-अलग सप्लायर को नकली किताबें सप्लाई की जाती थीं। एसआईटी इस मामले में मुख्य मास्टरमाइंड की तलाश में जुट गई है।
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बीते माह एनसीईआरटी के सहायक उत्पादन अधिकारी दीपक कुमार की तहरीर पर पुलिस ने गोदाम स्वामी राजेश कुमार जैन, संचालक संदीप और शाहरुख के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद फरार चल रहे मुख्य आरोपित संदीप और शाहरुख की तलाश में पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी लेकिन दोनों हाथ नहीं आए। जांच के दौरान पुलिस को गोदाम किराये के ऑनलाइन भुगतान की जानकारी मिली जिसके बाद मेरठ में छानबीन तेज की गई।
इसी क्रम में गोदाम की देखरेख करने वाले, मजदूर और ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था कराने वाले नफीस खान उर्फ राजू से एसआईटी ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने कई अहम राज खोले। उसने बताया कि पहले भी नकली किताबों का स्टॉक इसी गोदाम में रखा गया था जिसे बाद में राजस्थान शिफ्ट कर दिया गया था। वहां से किताबों को अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई किया जाता रहा।
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एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि जांच में सामने आया कि नफीस खान मुख्य आरोपित संदीप और शाहरुख के साथ मिलकर अलग-अलग राज्यों में गोदाम किराए पर लेकर नकली एनसीईआरटी किताबों का भंडारण करता था। पुलिस ने उसे शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया था।


गोदाम स्वामी राजेश कुमार जैन ने किया पुलिस को गुमराह
नफीस ने यह भी खुलासा किया कि जनवरी में दोबारा उसी गोदाम में नकली किताबों का बड़ा स्टॉक रखा गया था जबकि इससे पहले गोदाम स्वामी राजेश कुमार जैन ने पुलिस को यह कहकर गुमराह किया था कि उन्होंने पहली बार गोदाम किराये पर दिया है। एसपी क्राइम जितेंद्र चौधरी ने बताया कि अब गोदाम स्वामी की संलिप्तता की भी गहन जांच की जा रही है।


नफीस पर मेरठ और बरेली में दर्ज हैं कई मामले
एसएसपी के अनुसार, नफीस खान पर पहले भी कॉपीराइट अधिनियम के तहत मेरठ के परतापुर थाने में वर्ष 2020 और बरेली के भोजीपुरा थाने में 2023 में मामले दर्ज हैं। वह पूर्व में जेल भी जा चुका है। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

मामले में एसआईटी की जांच जारी है। फरार आरोपितों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही इस नकली किताब गिरोह का पूरा खुलासा कर दिया जाएगा। -अजय गणपति, एसएसपी, यूएस नगर
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