बाजपुर। विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट और यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस को फतह करने वाले पर्वतारोही रामलाल शर्मा सोमवार को बाजपुर पहुंचे। इस दौरान लोगों ने उनका फूलमालाओं से स्वागत किया।
सोमवार को डॉ. सुरेंद्र जैन के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में पर्वतारोही रामलाल शर्मा ने बताया कि उनके पिता सतपाल शर्मा हरियाणा के टोहाना में फलों की ठेली लगाते थे। रामलाल ने खुद भी फल की ठेली लगाई। आर्थिक तंगी के बीच उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतह करने का सपना देखा और मन में जज्बा पैदा कर 21 मई 2013 को एवरेस्ट चोटी पर तिरंगा फहराकर कामयाबी हासिल की। उन्होंने 2014 में रूस में स्थित यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर भी फतह हासिल की। कहा कि आत्मविश्वास और अपनों का साथ हो तो हर मंजिल संभव है।
हरियाणा के टोहाना निवासी रामलाल शर्मा को हरियाणा सरकार ने सब इंस्पेक्टर पद पर नियुक्ति दी है और वह वर्तमान में हरियाणा के कैथल में तैनात हैं। रामलाल ने गोवा में 2016 में समंदर के बीच 40 फीट नीचे पानी में साइकिल चलाने का भी रिकॉर्ड बनाया है। डॉ. सुरेंद्र जैन ने बताया कि वह पर्वतारोही रामलाल शर्मा के जीवन पर एक पुस्तक लिख रहे है। पुस्तक अब अंतिम चरण में है, जल्द ही इसका प्रकाशन किया जाएगा।वहां तनुज गोयल, राजेश कुमार, गाजीपुर बार्डर संयुक्त किसान मोर्चा के प्रवक्ता जगतार बाजवा, विहिप के यशपाल राजहंस, काव्य श्री आदि थे।