काशीपुर। खाली प्लॉट में बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबकर छह वर्षीय मयंक उर्फ विष्णु की मौत ने उसके परिवार की दुनिया उजाड़ दी। इकलौते बेटे को खोने का सदमा उसकी मां रीना के लिए ऐसा दर्द बन गया जिसने उसकी आवाज तक छीन ली। दो दिन से लगातार रोते-रोते वह बेसुध हो गई है। अब उसकी आंखों से आंसू भी नहीं निकल रहे हैं। मानसिक संतुलन बिगड़ने के कारण वह घर के बाहर बैठकर बेटे को इशारों से ऐसे बुलाती है, मानो वह अभी पांच रुपये मांगने के लिए दौड़ता हुआ आ जाएगा।
बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों मासूमों के शव परिजनों को सौंप दिए गए। स्वार रामपुर निवासी राजेंद्र कश्यप अपने छह वर्षीय पुत्र देव के शव को अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव ले गए। वहीं पुष्पक विहार महादेव कॉलोनी में छह वर्षीय मयंक उर्फ विष्णु का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। बेटे की अंतिम विदाई के दौरान मां रीना बदहवास होकर जमीन पर गिर पड़ी। परिजन और मोहल्ले की महिलाएं लगातार उसे संभालती रहीं।
पड़ोसियों ने बताया कि मयंक बेहद हंसमुख बच्चा था। वह बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लेता था और मोहल्ले के हर बच्चे के साथ घुल-मिलकर खेलता था। परिजनों के अनुसार वे लोग बेहद गरीब हैं। रीना घरों में काम कर बच्चों का पालन-पोषण करती है। बेटे की मौत के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ रही है।
बृहस्पतिवार को विधायक त्रिलोक सिंह चीमा परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों से बात कर रीना के इलाज के लिए चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। इससे पहले कांग्रेसी नेता एवं अधिवक्ता संदीप सहगल और मेयर दीपक बाली ने भी परिवार को ढाढ़स बंधाया। परिजनों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई तत्काल आर्थिक सहायता नहीं मिली है। मयंक के फूफा राजीव कुमार ने प्रशासन से परिवार को आर्थिक सहायता और रीना के समुचित इलाज की व्यवस्था कराने की मांग की है।
बता दें कि बुधवार दोपहर पुष्पक विहार महादेव कॉलोनी में घर के पास खाली प्लॉट में भरे बारिश के पानी में नहाते समय छह वर्षीय देव पुत्र राजेंद्र और छह वर्षीय मयंक उर्फ विष्णु पुत्र नन्हे की डूबने से मौत हो गई थी।
कोट
खाली प्लॉट में डूबने से दो मासूमों की मौत हुई थी। दोनों परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। - अभय प्रताप सिंह, एसडीएम