रुद्रपुर। वर्तमान में रुद्रपुर डिपो दोहरी मार झोल रहा है। एक तरफ मानसून के सख्त तेवर ने बस स्टेशन पर कीचड़ फैला दिया है और दूसरी तरफ अतिक्रमण नहीं हटने से रोडवेज के गेट का निर्माण कार्य अटका हुआ है। इससे डिपो को रोजाना 50 हजार तक आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बस अड्डे के प्रवेश और निकास मार्गों पर अतिक्रमण के कारण बसों की आवाजाही प्रभावित होती है। कई बार बसों को निर्धारित समय से अधिक देर तक जाम में फंसना पड़ता है जिससे समय सारिणी बिगड़ जाती है।
दूसरी ओर, मानसून में जलभराव और अव्यवस्था के कारण यात्रियों को बस अड्डे पर रुकने में परेशानी होती है। इसका सीधा असर यात्री संख्या और निगम की आय पर पड़ रहा है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि यात्रियों के लिए बारिश के दिनों में बस अड्डे पर न तो पर्याप्त शेड है और न ही बैठने की समुचित व्यवस्था।
ऐसे में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले लोगों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
बारिश के दौरान यात्री खुले में खड़े रहने को मजबूर हो जाते हैं जिससे बड़ी संख्या में लोग रोडवेज के बजाय निजी बसों और अन्य वाहनों का सहारा ले रहे हैं।
इसके कारण परिवहन निगम को प्रतिदिन करीब 50 हजार रुपये के राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना एक बस में 10 से 15 ही यात्री यात्रा कर रहे हैं।