काशीपुर। आगामी 15 जनवरी से प्रयागराज यूपी में माघ मेला शुरू होने वाला है जिसकी इस समय बड़े पैमाने पर तैयारी चल रही हैं। यूपी के साथ ही उत्तराखंड में भी इस मेले को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। खासतौर पर इस बात पर ध्यान दिया जा रहा है कि पूरे मेले के दौरान नदियों का दूषित या रंग मिला पानी प्रयागराज के संगम तक नहीं पहुंचे।
इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से उद्योगों पर विशेष तौर पर पेपर मिल और पेंट आदि बनाने वाली कंपनियों को चेतावनी दी गई है। यदि कोई कंपनी नदी में प्रदूषण फैलाती पाई जाएगी तो ऐसी कंपनियों को तुरंत सील कर उनके संचालकों पर केस दर्ज कराया जाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुख्यालय की ओर से इन आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। क्षेत्रीय पीसीबी अधिकारी नरेश गोस्वामी ने बताया कि इस बारे में पूरी सतर्कता बरती जा रही है। संवाद
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केंद्रीय टीम ने डाला डेरा, सैंपल भरे
काशीपुर। प्रयागराज मेले के लिए जारी की गई चेतावनी के मद्देनजर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उत्तराखंड के साथ ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सतर्क है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने पिछले कई दिनों से काशीपुर और आसपास के क्षेत्रों में डेरा डाल रखा है। टीम ने ढेला, कोसी और बहला नदी के पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा है।
लगातार हो रही है मॉनिटरिंग
काशीपुर। उत्तराखंड से जितनी भी नदियों का जल प्रयागराज जाता है उन सभी की जगह-जगह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी निगरानी कर रहे हैं। इन टीमों को 24 घंटे निगरानी रखने को कहा गया है। यदि कहीं भी गंदा या रंगीन पानी नदियों में गिरता पाया जाएगा अथवा कोई टैंकर आदि उद्योगों का अवशेष नदियों में डालता हुआ पकड़ा जाएगा तो उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
- माघ मेला आस्था का पर्व है। इसलिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। मकर संक्राति, बसंत पंचमी, माघ पूर्णिमा पर्व के दौरान सभी प्रमुख स्थानों पर बोर्ड के अधिकारी खुद मौजूद रह कर निगरानी करेंगे। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को इन आदेशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। - डॉ. अंकुर कंसल, पर्यावरण अभियंता, मुख्यालय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उत्तराखंड