रुद्रपुर। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का अपने पिता के स्थान पर सरदार बल्लभ भाई पटेल के नाम पर रखने का प्रस्ताव पास होने पर किच्छा विधायक राजेश शुक्ला भड़क उठे। प्रस्ताव पास होने की सूचना पर वह बगैर बुलावे के बोर्ड बैठक में पहुंच गए और प्रस्ताव का विरोध किया। उनकी पंचायती राज मंत्री अरविंद पांडेय के प्रतिनिधि सुरेश गंगवार के साथ तनातनी हो गई। विधायक ने मेडिकल कॉलेज को लेकर बेवजह राजनीति करने का आरोप लगाया।
मंगलवार सुबह 11 बजे से जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक शुरू हुई। कर अधिकारी कमलेश बिष्ट ने एजेंडे में शामिल प्रस्तावों को पढ़ा। सदन में कुल नौ प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें रुद्रपुर में निर्माणाधीन पंडित रामसुमेर शुक्ल मेडिकल कॉलेज का नाम भारत के पहले गृहमंत्री बल्लभ भाई पटेल के नाम पर रखने का प्रस्ताव शामिल था।
इस प्रस्ताव के पारित होने के करीब 15 मिनट बाद अचानक किच्छा विधायक राजेश शुक्ला बोर्ड बैठक में पहुंच गए। उन्होंने प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज का नाम बदलना जिला पंचायत के अधिकार क्षेत्र में नहीं है, यह प्रदेश सरकार का मामला है।
शुक्ला ने कहा कि उनके पिता रामसुुमेर शुक्ल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के साथ ही तराई के संस्थापक भी थे। इसको लेकर उनकी पंचायती राज मंत्री के प्रतिनिधि सुरेश गंगवार से तीखी बहस हुई। शुक्ला ने कहा कि वह बोर्ड के पदेन सदस्य हैं। प्रस्ताव का विरोध करते हुए शुक्ला सदन से उठकर चले गए।
इधर, गंगवार ने शुक्ला पर सदन का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि शुक्ला अपने परिवार की राजनीति को चमकाना चाहते हैं, जिस कारण मेडिकल कॉलेज का नाम का प्रस्ताव पारित होने की सूचना पर बगैर निमंत्रण के बैठक में पहुंचे। जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार ने कहा कि जिला पंचायत ने बोर्ड की सहमति के बाद ही प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजा है। नाम बदलने का अंतिम निर्णय शासन को ही लेना है।
बोर्ड बैठक के दौरान धरने पर बैठे शक्तिफार्म के जिपं सदस्य
रुद्रपुर। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक के दौरान शक्तिफार्म के जिला पंचायत सदस्य उत्तम आचार्य धरने पर बैठ गए। उन्होंने उन पर रंगदारी का झूठा मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि झूठा मुकदमा दर्ज करने वालों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई होनी चाहिए। कार्रवाई ना होने पर उन्होंने आरमण अनशन की चेतावनी दी। साथ ही उन्होंने बंगाली समाज के लोगों के प्रमाणपत्रों से पूर्वी पाकिस्तान शब्द हटाने की मांग की। बाद में उनके समर्थन में अन्य जिला पंचायत सदस्य भी धरने पर बैठे। फुलैया के जिला पंचायत सदस्य अरविंद कुमार ने कहा कि सभी जिला पंचायत सदस्य आचार्य के साथ हैं। (ब्यूरो)
बोर्ड बैठक में पारित प्रमुख प्रस्ताव
राजकीय मेडिकल कॉलेज रुद्रपुर का नाम देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर करने का प्रस्ताव।
जिला पंचायत के अधिकारियों और कर्मचारियों को अटल आयुष्मान योजना अनुमन्य की जाए।
प्रत्येक जिला पंचायत के सार्वजनिक स्थानों पर जनहित में सीमेंट बेंचों की स्थापना।
जिला पंचायत की महिला सफाई कर्मचारी का मानदेय सात हजार से बढ़ाकर 10 हजार करने और स्टेनो को टीए-डीए की सुविधा।
इंजीनियर बीसी छिम्वाल को अपर मुख्य अधिकारी बनाने का प्रभार।
पंचायतों से भ्रष्टाचार खत्म करने की मांग
रुद्रपुर। प्रतापपुर (काशीपुर) के जिला पंचायत सदस्य ने पंचायतों में व्याप्त भ्रष्टाचार खत्म करने की मांग की। उन्होंने ग्राम प्रधानों और ब्लॉक कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। टांडा आजम बाजपुर के जिला पंचायत सदस्य अजीत पाल सिंह ने ठेकेदार पर गेट के भीतर करोड़ों की टाइल्स बिछाने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। (ब्यूरो)
जिला पंचायत ने कोरोना वॉरियर्स को किया सम्मानित
रुद्रपुर। कोरोना महामारी के दौरान ड्यूटी के लिए जिला पंचायत की ओर से कोरोना वॉरियर्स के रूप में पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ ही पत्रकारों को सम्मानित किया गया। मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार ने सामान्य बैठक के दूसरे सत्र में डीएम रंजना राजगुरू को भी सम्मानित किया। इसके बाद सीएमओ डॉ. डीएस पंचपाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार, ओसी कलक्ट्रेट नरेश दुर्गापाल सहित अनेक अधिकारियों के अलावा पत्रकारों को सम्मानित किया। (ब्यूरो)
बोर्ड बैठक के दौरान धरने पर बैठे शक्तिफार्म के जिला पंचायत सदस्य।- फोटो : RUDRAPUR
जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव का विरोध करते किच्छा विधायक राजेश शुक्ला।- फोटो : RUDRAPUR
बोर्ड बैठक में मौजूद जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार।- फोटो : RUDRAPUR