कारगिल के शहीदों के नाम से बने पार्क कारगिल शहीद वाटिका की उपेक्षा हो रही है। एक समय काफी सुंदर इस पार्क में आज फूल पौधे तक नहीं है। शहर का यह पार्क अब शराबियों का अड्डा बन चुका है।
कारगिल युद्ध के बाद शहीदों की याद में पालिका परिसर में तकरीबन एक बीघा भूमि में कारगिल शहीद पार्क का निर्माण कराया था। इसके चारो ओर चाहरदीवारी है, आने जाने के लिए गेट बने हैं। पार्क में फुटपाथ और सुंदरता बढ़ाने के लिए एक फव्वारा लगा है। वहीं पार्क में जगह जगह बैंच भी बने हैं। लेकिन देखरेख के आभाव में पार्क जर्ज हो गया है।
नियमित सफाई नहीं होने से पार्क में जगह जगह गंदगी फैली है। यहां तक कि शहीद पार्क में किसी भी शहीद की प्रतिमा तक नहीं लगाई गई है। करीब चार पांच सालों से पार्क का सुंदरीकरण नहीं हुआ है। जिस कारण यहां नाम मात्र के पौधे हैं। आलम यह है कि इसके अंदर लगी दूब घास भी सूख चुकी है। पार्क उजाड़ पड़ा है।
शहर की भाग दौड़ से कुछ पलों के लिए सुकून दिलाने के लिए बना यह पार्क अब नशेड़ियों और शराबियों का अड्डा बन कर रह गया है। शराबी और अराजक तत्व देर रात तक बैचों में पसरे रहते है। ये लोग रोक टोक करने पर निगम के चौकीदार को भी धमका कर चुप करा देते है।