गदरपुर। मुगलिया सल्तनत के सिपाहियों को मार कर शहीद हुए भाई बोता सिंह और गरजा सिंह का शहीदी दिवस शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान गुरुद्वारा श्री गुरु हरगोबिंद सर नवाबगंज में सजाए गए धार्मिक दीवान में वक्ताओं ने गुरबाणी कथा, कीर्तन व ऐतिहासिक पक्षों पर प्रकाश डाला। यहां रागी भाई हरजीत सिंह के कीर्तन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
लखीमपुर खीरी से आए ढाढ़ी जत्थे के भाई गुरबाज सिंह आजाद ने शहीद उधम सिंह की शहीदी और जीवन की घटनाओं का वर्णन किया। कविश्री जत्थे के भाई सतनाम सिंह शौकी और दलविंदर सिंह ने मुगल राज्य के अंतिम काल में लाहौर के सूबेदार जकरिया खान के सिपाहियों का कत्लेआम करने वाले भाई बोता सिंह और गरजा सिंह के पराक्रम का बखान किया।
सिख मिशनरी कॉलेज लुधियाना की गदरपुर इकाई और सिख प्रचारक सभा के सदस्यों ने शहीदों की याद में जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क वस्त्रों का वितरण किया।
इस मौके पर करमजीत सिंह, अरदास भाई जसवीर सिंह, देवेंद्र सिंह, डाॅ. अमर सिंह, सुरेंद्र सिंह, सुरजीत सिंह, गुरनाम सिंह, मनजीत सिंह आदि मौजूद थे।