पानी की तलाश में दूसरे हाथियों के क्षेत्र में आने पर बिना दांत वाला हाथी (मखना) का दांत वाले हाथी से संघर्ष हो गया। टस्कर हाथी ने मखना हाथी को दूर तक दौड़ा दिया। घंटों तक चले आपसी संघर्ष को शांत कराने में वनकर्मियों का पसीना छूट गया।
अमानगढ़ रेंज में वन्यजीवों के लिए पानी और आहार की अधिकता के चलते अक्सर कार्बेट पार्क के वन्यजीव भी अमानगढ़ चले आते हैं जिसे वहां के वन्यजीव पसंद नहीं करते। अमानगढ़ रेंज के कोठीरो बीट में प्यास बुझाने के लिए एक मखना हाथी आया था। वहां पहले से मौजूद एक टस्कर ने मखना हाथी को खदेड़ कर भगा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घंटों चले संघर्ष में मखना हाथी लौटने को मजबूर हो गया।
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Iमखना और टस्कर हाथी के भिड़ंत की सूचना पर वनकर्मियों को मौके पर भेजा गया। आपसी संघर्ष में कोई हाथी घायल नहीं पाया गया। अक्सर इस मौसम में हाथियों में आपसी संघर्ष की घटनाएं होती रहती हैं। रेंज स्टाफ को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
- खुशबू उपाध्याय, वन क्षेत्राधिकारी, अमानगढ़ रेंजI
Iहथिनी पर अधिकार के लिए होता है संघर्षI
Iजसपुर। वन्यजीव विशेषज्ञ ज्ञानेश शरण के मुताबिक वन्यजीवों में आपसी संघर्ष होना साधारण घटना हैं। कई बार वन्यजीव दूसरे वन्यजीवों का अपने परिवेश में आना पसंद नहीं करते। सर्दी और गर्मी के मौसम के बीच वह मस्त हो जाते हैं। हाथियों का यह मस्त काल होता हैं जो करीब डेढ़ माह तक चलता हैं। इस दौरान हाथियों में हथिनी पर अधिकार सिद्ध करने के लिए जंग होती हैं। चूंकि मकना हाथी दंतविहीन होता हैं। इस कारण इस संघर्ष में वह अपना बचाव न कर पाने के कारण गंभीर रूप से घायल भी हो जाता हैं।I