अमर उजाला और रे-फाउंडेशन के तत्वावधान में जागरूक माता पिता
विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में फाउंडेशन के निदेशक
डॉ. हरीश शर्मा ने अभिभावकों बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा, उनके व्यवहार और
मनोविज्ञान के बारे में जानकारी दी। साथ ही अभिभावकों से बच्चों के साथ
समय बिताने को कहा।
रविवार को नैनीताल रोड स्थित एक होटल में अमर उजाला और
रे-फाउंडेशन जयपुर के तत्वावधान में जागरूक माता पिता विषय पर कार्यशाला का
आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रमुख उद्योगपति एवं समाजसेवी
कमलजीत सिंह तलवार और अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया। जयपुर राजस्थान
से आए रे-फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. हरीश शर्मा ने जागरूक माता पिता विषय पर
व्याख्यान दिया। डा. शर्मा ने कहा कि आजकल के बच्चे नए युग में जी रहे हैं।
जबकि हमारे यहां पालन-पोषण और शिक्षा दीक्षा का नजरिया वर्षों पुराना है।
एक से 12 वर्ष तक के बच्चे का एक-एक पल सीखने के लिहाज से कीमती होता है।
उदाहरण देते हुए कहा कि अगर स्वामी विवेकानंद को उनके माता पिता इंजीनियर
या चिकित्सक बना देते तो समाज में कोई बदलाव नहीं होता, लेकिन, एक स्वामी
विवेकानंद पैदा होने से विश्व पटल पर देश का मान बढ़ा। अगर गलत तरीके से
बच्चों का पालन पोषण किया गया तो समाज पर इसका बुरा असर पड़ता है। बच्चा
अनजाने में अगर कोई नुकसान कर देता है और माता पिता को सही बात बता देता है
तो कई अभिभावक उसे दंड देते हैं। इसका साफ मतलब है कि हम बच्चों को झूठ
बोलने के लिए कह रहे हैं। यह भले ही अनजाने में किया जा रहा हो। लेकिन इसका
व्यापक असर समाज पर दिखता है। इस कार्यशाला का उद्देश्य टॉपर नहीं इंसान
बनाना है। उसके साथ विद्यालय के शिक्षकों के कर्तव्य पर प्रकाश डाला गया।
इस मौके पर जेआईईप्री स्कूल की निदेशक अवनीत कौर, सचिव कौशल कुमार, निजी
विद्यालय संघ अध्यक्ष प्रवींद्र रौतेला, दमनप्रीत सिंह, अरुण मौर्या,
अभिषेक अग्रवाल, अनिल जोशी, भूमिका भंडारी अग्रवाल, अमर उजाला के इंवेट
मैनेजर नागेश दूबे आदि मौजूद थे। उधर डा. हरीश शर्मा ने बताया कि जिस
बच्चों की उम्र 2 से 10 वर्ष तक है वह जेआईईप्री स्कूल छतरपुर ब्रांच
रुद्रपुर में मुफ्त परामर्श 10 बजे से दो बजे तक ले सकते हैं।