सोमवार को कलक्ट्रेट स्थित एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में जिला योजना की बैठक लेने पहुंचे प्रभारी मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी के सामने जमकर हंगामा हुआ। मामला हाथापाई तक आ पहुंचा और करीब आधे घंटे तक हाल के भीतर माहौल पूरी तरह अराजकता में तब्दील रहा। बाद में प्रभारी मंत्री, डीएम और जिला पंचायत अध्यक्ष ने बमुश्किल मामला शांत कराया।
सोमवार सुबह साढ़े 11 बजे सभागार में बैठक शुरू हुई, इसी बीच विकास कार्यों में बजट की कमी को लेकर जनप्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी बात रखनी शुरू कर दी। बीडीसी सदस्यों सहित अन्य लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों आदि के लिए बजट का रोना रोया, इस पर जिले के लिए विभिन्न मदों में जो भी बजट मंजूर था वह प्रभारी मंत्री ने अपने ओर से सभी को आश्वस्त करने का प्रयास किया।
तभी क्षेत्र के विकास में उपेक्षा को महसूस करते हुए रुद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल, काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा सहित काशीपुर के ही बीडीसी सदस्य वैल में आकर मंत्री के समक्ष धरने पर बैठ गए। इस दौरान विधायक ठुकराल और चीमा ने मंत्री जी न्याय करो, न्याय करो के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद मंत्री प्रसाद नैथानी और जिला पंचायत अध्यक्ष ने विधायक ठुकराल ,चीमा से कुर्सी पर बैठने की अपील की।
दोनों विधायक जब अपनी कुर्सी पर बैठने के लिए आगे आए ,तभी कांग्रेस समर्थकों ने विधायक ठुकराल की ओर इशारा कर कह दिया कि इनका काम विधानसभा में भी हंगामा करना होता है और यहां पर भी यही काम कर रहे हैं। इतना सुनते ही विधायक ठुकराल का पारा चढ़ गया और उनकी खटीमा से नामित डीपीसी सदस्य प्रकाश तिवारी सहित अन्य लोगों के साथ जमकर बहस शुरू हो गई।
बात इतनी आगे बढ़ गई कि हाथापाई की नौबत आ गई। दोनों पक्षों को शांत कराने के लिए डीएम आशीष श्रीवास्तव, प्रभारी मंत्री नैथानी और जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार सहित कई लोग आगे आए। लेकिन मामला दोनों तरफ से शांत होने के बजाए और भड़क गया। इसके बाद विधायक राजेश शुक्ला और विधायक हरभजन सिंह चीमा ने भी छींटाकशी का पुरजोर विरोध किया।
अमर्यादित भाषा का किया प्रयोग
जिला योजना की बैठक के दौरान विधायक ठुकराल और कांग्रेस समर्थित लोगों के बीच हुई झड़प के दौरान अमर्यादित भाषा का भी प्रयोग हुआ। विधायक ठुकराल जहां अपनी बात रखने की कोशिश करते रहे वहीं उनसे उलझने वाले कांग्रेस समर्थित लोग विधायक की बात सुनने को तैयार नहीं थे, इस बीच दोनों पक्षों की ओर से अमर्यादित भाषा का खुलकर प्रयोग हुआ।