शहर के धावक मोहन सैनी ने राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में दस किमी दौड़ में कांस्य पदक हासिल कर राज्य का नाम रोशन किया है। गौर करने वाली बात यह है कि मोहन के पिता और भाई दिहाड़ी मजदूर हैं। आचार्य नागार्जुन विश्वविद्यालय मंगलागिरी विजयावाड़ा आंध्र प्रदेश में 16 से 20 नवंबर तक 33वीं राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता 2017 हुई। इसमें काशीपुर के धावक मोहन सैनी ने अंडर-20 बालक वर्ग की दस किमी दौड़ में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया था। मोहन ने कांस्य पदक हासिल किया।
वह साई (भारतीय खेल प्राधिकरण) केंद्र में रहकर करीब पांच साल से कोच चंदन सिंह नेगी के अधीन प्रशिक्षण ले रहे हैं। अब तक वह दर्जन भर राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुके हैं।
मोहन 2013 में रांची में आयोजित 57 वीं स्कूल प्रतियोगिता में तीन किमी में कांस्य पदक, 2014 लखनऊ में आयोजित नॉर्थ जोन प्रतियोगिता तीन किमी में कांस्य, 2015 झांसी में क्रॉस कंट्री (छह किमी दौड़) में रजत, गोवा में यूथ बालक वर्ग तीन किमी में रजत, रांची में 31वीं जूनियर नेशनल तीन किमी में रजत, कोयंबटूर जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में पांच किमी में रजत, 2016 पुणे महाराष्ट्र में 62वीं स्कूल राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत, वर्ष 2017 पंजाब में नॉर्थ जोन 10 किमी में रजत पदक हासिल किया है।
वह कोच की निगरानी में रोज चार घंटे का प्रशिक्षण लेते हैं। मोहन बताते हैं कि वह भारतीय कोच ऑलंपिक खिलाड़ी सुरेंद्र भंडारी जैसा बनना चाहते हैं। कोच सीएस नेगी ने बताया कि मोहन बेहद मेहनती खिलाड़ी है। वह मैदान में पल भर के लिए आराम नहीं करता है।
आर्थिक तंगी के कारण छोड़ी पढ़ाई
मोहन के पिता सोहन सैनी गिरीताल की चामुंडा विहार कॉलोनी में रहते हैं। वह अपने परिवार का गुजारा दिहाड़ी मजदूरी कर करते हैं। एक विवाहित बड़ा भाई है, वह भी दिहाड़ी मजदूर है। माता राज कुमारी गृहणी है। परिवार की आर्थिक स्थिति सही न होने के कारण मोहन ने संस्थागत दाखिला नहीं लिया है। वह प्रशिक्षण के साथ साथ रोशनपुुर, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश से 12वीं की व्यक्तिगत पढ़ाई कर रहे हैं।