काशीपुर। उत्तराखंड के औद्योगिक विकास और ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि जल्द ही धरातल पर उतरने वाली है। प्रदेश के दोनों मंडलों कुमाऊं और गढ़वाल को बिजली पारेषण (ट्रांसमिशन) के जरिए सीधे जोड़ने की कवायद अब अंतिम चरण में है।
करीब पौने छह सौ करोड़ की लागत से श्रीनगर से काशीपुर (रम्पुरा) तक 400 केवी की लाइन बिछाई जा रही है। इस परियोजना के पूरा होते ही प्रस्तावित हाईटेक सिटी और आगामी उद्योगों को 24 घंटे निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
दिसंबर 2022 में शुरू हुई इस महापरियोजना का 68 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। कार्यदायी संस्था खंदूखाल रम्पुरा ट्रांसमिशन प्रालि (केआरटीएल) के अनुसार, पौड़ी गढ़वाल के वन क्षेत्र में अनुमति मिलने में हुई देरी के कारण परियोजना की गति कुछ धीमी हुई थी लेकिन अब शेष कार्य को जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। संवाद
परियोजना का रूट मैप
यह लाइन श्रीनगर से शुरू होकर पौड़ी, सतपुली, लैंसडाउन, कोटद्वार (उत्तराखंड) और बिजनौर (यूपी) के विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए जसपुर और कुंडेश्वरी के रास्ते काशीपुर के रम्पुरा 400 केवी बिजलीघर तक पहुंचेगी।
परियोजना से होने वाले प्रमुख लाभ :
कुमाऊं और गढ़वाल सीधे जुड़ने से प्रदेश का विद्युत ग्रिड अधिक शक्तिशाली होगा। इसके अलावा सीधे जुड़ाव से बिजली की बर्बादी (लाइन लॉस) कम होगी और बेहतर वोल्टेज भी मिलेगा। इससे आगामी हाईटेक सिटी और उद्योगों के लिए अगले 25-30 वर्षों तक निर्बाध बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित होगी।
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- प्रोजेक्ट का 68 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। करीब 40 टावर लगने शेष हैं जिन्हें जुलाई 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जा रहा है। - बीके सिंह, जीएम (प्रोजेक्ट मैनेजर), केआरटीएल
- पीपीपी मोड पर बन रही यह लाइन ग्रिड को अभूतपूर्व मजबूती देगी। वर्तमान में रम्पुरा बिजलीघर नहटौर, बरेली और मुरादाबाद पर निर्भर है लेकिन इस लाइन के बाद हम सीधे अपने प्रदेश के गढ़वाल मंडल से जुड़ जाएंगे। - राकेश बिजल्वान, अधिशासी अभियंता, पिटकुल (400 केवी काशीपुर)