बुधवार को पेश किए गए आम बजट में उद्योगों के लिए 30 प्रतिशत से 25 प्रतिशत टैक्स करके पांच फीसदी की राहत दी गई है। वहीं पंतनगर सिडकुल और रेलवे के ज्वाइंट वैंचर कॉनकोर में विदेशों से आने वाले कच्चे माल पर 14 प्रतिशत का टैक्स लगाकर झटका दिया गया है। बता दें कि पंतनगर सिडकुल और रेलवे के ज्वाइंट वैंचर कॉनकोर ने यहां से विदेशों को भेजे जाने वाले माल और वहां से यहां आने वाले माल के ढुलान के लिए उद्यमियों को लुभाने के लिए मुफ्त योजना बनाई थी, इसी कड़ी में पिछले महीने कॉनकोर से करीब 900 कंटेनर भी बाहर से पंतनगर सिडकुुल क्षेत्र में मंगवाए थे।
वर्तमान में पंतनगर सिडकुल के भीतर 452 से अधिक फैक्ट्रियां अपना उत्पादन कर रही हैं। इसमें 258 से अधिक उद्योगों पर विदेशों से कच्चा माल आता है और एक साल पहले ही पंतनगर सिडकुल क्षेत्र में शुरू किए गए सिडकुल और रेलवे के ज्वाइंट वैंचर कॉनकोर ने जहां अभी हाल ही में नोटबंदी के बाद अपने कारोबार की अच्छी उड़ान भरी थी वहीं अब 14 प्रतिशत आयात और निर्यात पर टैक्स से कारोबार पर झटका भी माना जा रहा है।
हालांकि पंतनगर सिडकुल में वर्तमान में 500 करोड़ रुपए का प्रतिदिन उत्पादन होता है। ऐसे में सिडकुल के उत्पादन के तौर पर देखा जाए तो केंद्र सरकार ने अपने बजट में पांच प्रतिशत की छूट देकर उद्योगों को बढ़ावा देने का काम किया है। पंतनगर सिडकुल की ही बात की जाए तो यहां के उद्योगों से जेटली की पोटली में 25 प्रतिशत राजस्व के जरिए करीब 73 करोड़ रुपए सालाना जमा होगा। वहीं पांच फीसदी की राहत से सिडकुल के उद्यमियों के करीब एक करोड़ 46 लाख रुपए की बचत भी मानी जा रही है।
कॉनकोर के लिए थोड़ा झटका जरूर
केंद्र सरकार ने उद्योगों में सीधे तौर पर पांच प्रतिशत की छूट देकर उद्योगों को बढ़ावा देने का काम किया है। पहले 30 प्रतिशत तक का टैक्स लगता था अब 25 प्रतिशत लगेगा, पांच फीसदी की छूट से उन छोटे उद्योगों को भी लाभ मिलेगा जो सिडकुल में अपना उत्पादन लगातार कर रहे हैं। विदेशों से आने वाले कच्चे माल पर 14 प्रतिशत टैक्स से कुछ हद तक कॉनकोर का काम कुछ दिनों के लिए प्रभावित हो सकता है, लेकिन कच्चे और पक्के माल की लगातार आने और जाने से ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। हां कॉनकोर के लिए थोड़ा झटका जरूर है।
- जीएस रावत, आरएम सिडकुल
उद्योगों के लिए पांच प्रतिशत की छूट बड़ी राहत
सिडकुल स्थित बडवे इंडिया इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड के एचआर हेड उत्तम सिंह मटेला का कहना है कि केंद्र सरकार ने अपने आम बजट में जैसा भी हो लेकिन उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 5 प्रतिशत तक की टैक्स छूट दी है यह अच्छी बात है। उद्योगों को टैक्स में छूट मिलने से कारोबार आगे और बढ़ेगा और कंपनियों पर ज्यादा टैक्स का दबाव नहीं होगा। उनके मुताबिक इस बार का बजट उद्योग जगत के लिए ठीक है।
छूट के साथ सब्सिडी भी मिलनी चाहिए
बजाज के लिए वायर हारनेस बनाने वाली सिडकुल की टेक्नोक्रेट कनेक्टिविटी प्रा.लि. के प्लांट हेड रोशन कुमार का कहना है कि आम बजट में ठीक है कि पांच 30 प्रतिशत तक दिया जाने वाला टैक्स अब 25 प्रतिशत देना होगा, लेकिन अच्छा होता कि सिडकुल के उद्यमियों को सरकार सब्सिडी को बढ़ा देती। इसमें केंद्र के साथ ही राज्य सरकार को भी उद्योगों की सब्सिडी बढ़ानी चाहिए।
उद्योगों में टैक्स बढ़ाने के बजाए घटाकर राहत दी
उद्यमी राकेश ठाकुर का कहना है कि आम बजट में यह अच्छी बात है कि उद्योगों पर टैक्स बढ़ाने के बजाए पांच फीसदी घटा दिया है। इससे उद्यमियों में कारोबार के प्रति और उत्साह बढ़ेगा और व्यापार पर भी उभरने में लाभ होगा। सबसे अच्छी बात यह है कि छोटे उद्योग जिनका निवेश 50 करोड़ से कम है उन्हें इसमें अधिक लाभ मिलेगा साथ ही क्षेत्र की अर्थ व्यवस्था भी सुधरेगी।