रुद्रपुर। शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच अलग-अलग सेक्टरों में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। जहां आईटी और फार्मा सेक्टर दबाव में हैं वहीं बैंकिंग और वित्तीय कंपनियां बाजार को सहारा देती नजर आ रही हैं। इसका असर स्थानीय निवेशकों के पोर्टफोलियो पर साफ दिख रहा है।
पिछले एक-दो सप्ताह में आईटी शेयरों में तीन से पांच प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। इसके पीछे अमेरिकी बाजार में कमजोरी, डॉलर में उतार-चढ़ाव और आईटी कंपनियों के कमजोरी को प्रमुख कारण माना जा रहा है। शहर के कई छोटे निवेशकों ने आईटी में की गई हालिया खरीद पर फिलहाल नुकसान की स्थिति बताई है।
वहीं फार्मा सेक्टर भी दबाव में है। एक्सपोर्ट डिमांड में सुस्ती और कीमतों पर नियंत्रण से जुड़े वैश्विक कारकों का असर इस सेक्टर पर पड़ा है। जानकारों का कहना है कि फार्मा में फिलहाल स्थिरता का इंतजार करना बेहतर होगा। इसके विपरीत बैंकिंग सेक्टर मजबूती दिखा रहा है। निजी और सरकारी बैंकों के शेयरों में दो से चार प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई है। इसकी वजह बेहतर तिमाही नतीजे, लोन ग्रोथ में तेजी और ब्याज दरों से मिलने वाला फायदा है। निवेशकों में बैंकिंग शेयरों को लेकर भरोसा बढ़ा है और कई लोग इस सेक्टर में नई खरीदारी कर रहे हैं।
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निवेशक बोले...
फिलहाल शेयर मार्केट में सेक्टर आधारित रणनीति अपनाना जरूरी है। जहां आईटी और फार्मा में सावधानी की जरूरत है, वहीं बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर फिलहाल निवेशकों के लिए अपेक्षाकृत कई बेहतर विकल्प हैं। -अमित सिंह, निवेशक
नए निवेशकों को अभी बाजार स्थिर होने की प्रतीक्षा करनी चाहिए, बहुत अधिक निवेश बिना बैकअप के करना ठीक नहीं। पुराने निवेशकों के लिए जो खरीददारी करना चाहते हैं उनके लिए मार्केट का माहौल अच्छा है। फिलहाल आईटी कंपनियों के शेयर लेने के लिए ठीक समय है लेकिन निकालने के लिए नहीं। -बीपी सिंह, निवेशक