सिंचाई राजस्व अधिकारी कर्मचारी महासंघ की प्रदेश स्तरीय बैठक में वेतन विसंगति और पद स्वीकृत करने समेत आठ मांगों को लेकर एक जुटता के साथ 21 जुलाई को सीएम हरीश रावत से एक प्रतिनिधि मंडल के मिलने का प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही सीएम से संतोषजनक वार्ता न होने पर तीन अगस्त को देहरादून स्थित मुख्य अभियंता, विभागाध्यक्ष कार्यालयों से सचिवालय तक विशाल रैली निकालने, चार से 15 अगस्त तक कार्य बहिष्कार, 16 अगस्त से विभागाध्यक्ष कार्यालय गेट पर अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
रविवार को हल्द्वानी स्टेट हाइवे स्थित अमर पैलैश में आयोजित सिंचाई महासंघ की प्रदेश स्तरीय बैठक में सींचपाल, नलकूप चालकों का वेतनमान 5200-20200 ग्रेड पे 1900 के स्थान पर राजस्व विभाग के लेखपाल के वेतनमान के बराबर करने, उपराजस्व अधिकारी को पूर्व की भांति स्पेशल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट द्वितीय श्रेणी के अधिकार देने, उपराजस्व अधिकारी, जिलेदार के कार्यालयों में पूर्व की भांति राजस्व कार्यों के निष्पादन के लिए मुख्य राजस्व सहायक और राजस्व सहायक के पद सृजित कर पद स्थापित करने सहित आठ मांगों पर चर्चा कर आंदोलन की रणनीति बनाई गई। अध्यक्षता कर रहे महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष एनएस कुंडरा ने प्रदेश सरकार कर्मचारियों की मांगों के प्रति गंभीर नही है।
प्रांतीय महामंत्री भीम बहादुर खत्री ने कहा कि सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य के आश्वासन दिये जाने के बाद भी कोई सुनवाई नही हुई। जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। संचालन भुवन चंद पांडे ने किया। मौके पर जगदीश सिंह पाल, चंद्रशेखर कांडपाल, महेंद्र वर्मा, बीके सनवाल, विजय सिंह सैनी, रावेंद्र शर्मा आदि थे।