जीके ग्रुप से संबंधित कंपनियों के बंद होने से आक्रोशित यूपी एवं उत्तराखंड के निवेशकों ने तहसील पर जमकर हंगामा काटा। उन्होंने कहा कि निवेशकों को गाढ़ी कमाई जमाकर भुगतान तिथि करीब आने से पूर्व कंपनियों में ताले ठोक दिए। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार खीम सिंह बिष्ट को सौंपा और कंपनी के निदेशकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जीके ग्रुप से संबंधित केएनएनसी रियल स्टेट लि., गुड हेल्थ बायोटेक इंडिया आदि कंपनियों में यूपी के सीतापुर, रामपुर, बरेली, फरुखाबाद, गुड़गांव, कटरा, कानपुर, आगरा, अलीगढ, हरियाणा, रेवाड़ी, भरतपुर, नोएडा, दिल्ली आदि शहरों के निवेशकों ने लगभग 70 करोड़ बचत के रूप में लगाए थे।
तहसीदार बिष्ट सहित कोतवाल चंचल शर्मा को दी तहरीर में निवेशकों ने बताया कि कंपनियों के निदेशक जसवंत सिंह पुत्र इकबाल सिंह बानूसी झनकट, ग्राम प्रधान मान सिंह पुत्र हरीश चंद्र बूढ़ाबाग, कुलदीप पुत्र बलकार सिंह दूनीडाम पीलीभीत यूपी ने कंपनियों के नाम बांड जारी कर निवेशकों की रकम लगाई। बताया कि निवेशकों के परिपक्वता मूल्य भुगतान तिथि करीब आने से पूर्व ही कार्यालय बंद कर दिए गए। निवेशकों ने कंपनी चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई कर भुगतान दिलाने की मांग की। वहां वीरेंद्र पाल, नौनीराम, मोहम्मद यार, राजेंद्र प्रसाद, विनोद शर्मा, राम खिलाई, यासीन, हरपाल सिंह आदि थे।
02केटीएम03पी-खटीमा में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते निवेशक