काशीपुर। ब्लैंक चेकों का दुरुपयोग कर एनआई एक्ट के मुकदमे दायर करने के आरोपी चर्चित सूदखोर के खिलाफ पुलिस ने जांच पूरी कर ली है। कोतवाली से जांच रिपोर्ट एसएसपी कार्यालय को भेज दी गई है। मामले में कार्रवाई की मांग के लिए पीड़ित लोग एसपी कार्यालय पहुंचे लेकिन उनकी एसपी से मुलाकात नहीं हो सकी।
खालसा स्ट्रीट निवासी कासिफ अली ने सीएम पोर्टल के अलावा विभिन्न अधिकारियों से शिकायत की थी कि कोर्ट सड़क निवासी एक सूदखोर कर्ज लेने वालों से ब्लैंक चेक लेकर उनमें कई गुना राशि भरकर एनआई एक्ट के मुकदमे करा रहा है। आरोपों की जांच कटोराताल चौकी प्रभारी मीना रावत ने की। एसआई मीना रावत ने शिकायतकर्ता कासिफ के अलावा महेशपुरा निवासी साजिद हुसैन, मंझरा निवासी शाहिद हुसैन, कविनगर निवासी दर्पण अग्रवाल, अल्ली खां निवासी मुकीम, काजीबाग निवासी नंदकिशोर, परसादीलाल बाग निवासी अर्पित बत्रा, बांसफोड़ान निवासी मोहम्मद फुरकान व मोहम्मद रामिश, गंज निवासी मनीष कुमार, मोहल्ला खत्रियान निवासी श्रीकृष्ण गोपाल गुप्ता, मोहम्मद अकील, ज्योति कौर, मोहम्मद सद्दाम, कटोराताल निवासी इरफान, फैजान, जसपुरखुर्द निवासी संजय कुमार, अल्ली खां निवासी शादाब सैफी, मोहम्मद शकील, इमरान व मोहम्मद सद्दाम, शफीक अहमद आदि के बयान दर्ज किए।
बयानों के मुताबिक आरोपी सूदखोर ने कुल 7,33,000 रुपये का कर्ज बांटा और वसूली के लिए करीब दो करोड़ के चेक मुकदमों में लगा दिए। उसने सैकड़ों अन्य लोगों के खिलाफ भी एनआई एक्ट में मुकदमे दायर किए हैं। उधर, मंगलवार को सूदखोर से पीड़ित दर्जनों लोग एसपी स्वप्न किशोर सिंह से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे लेकिन उनके रुद्रपुर होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी
बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा आरोपी
जांच कर रही महिला एसआई मीना रावत ने बयान दर्ज कराने के लिए आरोपी को अनेक बार कॉल लगाई लेकिन हर बार उसने शहर से बाहर होने की बात कहते हुए पुलिस चौकी आने में असमर्थता जताई। आखिर में उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया।