तीन वर्ष पूर्व दिनेशपुर क्षेत्र में आठ साल की मासूम के साथ दुष्कर्म करने वाले युवक को पॉक्सो न्यायाधीश विजय लक्ष्मी विहान की अदालत ने आजीवन कारावास के साथ 45 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। घटना के दिन आरोपी बच्ची को रामलीला दिखाने के बहाने घर से ले गया था। मामले में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से आठ गवाह पेश किए गए।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विकास गुप्ता ने बताया कि 16 अक्तूबर 2016 की शाम ग्राम उदयनगर झीलपार थाना दिनेशपुर निवासी कमलेश मंडल क्षेत्र में ही रहने वाली एक आठ वर्ष की मासूम के घर पहुंचा और मासूम को रामलीला दिखाने के बहाने ले गया। दो घंटे बाद भी मासूम के घर नहीं पहुंचने पर परिजन खोजबीन में निकले तो टांडा जंगल के पास उन्हें मासूम अर्द्धबेहोशी की हालत में मिली। जिला अस्पताल में उपचार के बाद पूछताछ में मासूम ने बताया कि कमलेश ने जंगल में उसके साथ गलत काम किया।
मासूम के पिता ने थाना पुलिस को कमलेश के खिलाफ तहरीर सौंपी। मेडिकल में दुराचार की पुष्टि होने पर पुलिस ने कमलेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोप पत्र दाखिल करने के बाद मामला पॉक्सो न्यायाधीश विजय लक्ष्मी विहान की अदालत में पहुंचा। यहां सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विकास गुप्ता ने आठ गवाह पेश कर कमलेश पर आरोप सिद्ध कर दिया जिसके आधार पर सोमवार को अपना फैसला सुनाते हुए पॉक्सो न्यायाधीश विजय लक्ष्मी विहान की अदालत ने अभियुक्त कमलेश को आजीवन कारावास के साथ ही 45 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय के आदेश पर आरोपी द्वारा जमा किए जाने वाले अर्थदंड का 90 प्रतिशत बच्ची को दिया जाएगा। अधिवक्ता विकास गुप्ता ने बताया कि अभियुक्त शादीशुदा है।