एआरटीओ ने कौशांबी से आनंद विहार के लिए चलने वाली यूपी रोडवेज की तरह बनी फर्जी बस को पकड़ लिया। उन्होंने इस बस के साथ ही ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर चलने वाले 13 वाहनों को सीज कर दिया और 31 वाहनों के चालान भी किए। सोमवार को एआरटीओ संदीप सैनी ने टीम के साथ नैनीताल और किच्छा रोड वाहनों की चेकिंग की।
इस बीच उत्तर प्रदेश की रोडवेज के रंगों की तर्ज पर बनी बस संख्या (यूपी14सीटी-9951) को रोका। बस के पीछे कौशांबी, वैशाली और आनंद विहार लिखा था। कागजात चेक करने और ड्राइवर व परिचालक के पहचान पत्र देखे तो बस प्राइवेट थी और फर्जी तरीके से रोडवेज बस की तरह चलते मिली। इस पर एआरटीओ ने बस को सीज कर दिया।
इसके अलावा बाइक सवार को रोक कागजात मांगे तो उसने बिलासपुर थाने से बाइक लाना बताया। इस पर बाइक संदिग्ध मान उसे भी सीज कर दिया। एक ट्रक ओवर साइज और दूसरे ट्रक का चालक फोन पर बात करते हुए वाहन चला रहा था। नौ ई-रिक्शा अपंजीकृत मिले। इस पर इन सभी को भी सीज किया।
इसके अलावा बिना नंबर प्लेट के सड़क पर दौड़ रही पांच ट्रॉलियों व एक ई-रिक्शा चालक के फोन पर बात करते वाहन चलाने समेत 31 वाहनों के चालान किए। एआरटीओ ने कहा कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। टीम में सिपाही योगेश बिष्ट, भवान सिंह तोमर, वीरेंद्र जोशी और गोकुल कुमार के अलावा ड्राइवर बृजमोहन चंदेल आदि थे।