सीमांत क्षेत्र में भूमाफियाओं का कसता शिकंजा आम जनता के लिए परेशानी का सबब बनने लगा है। बरसात के इस मौसम में जहां बस्ती आबादी वाले भाग में आम जनता आने जाने को कच्चे-पक्के मार्ग मयस्सर नहीं हैं, वहीं जमीन के सौदागर प्लॉटिंग कर मोटी रकम ऐंठने के चक्कर में आबादी विहीन खेतों में पक्के सड़क बना रहे हैं।
ग्राम सभा ऊॅंची महुवट संतना में धान के खेतों के बीच बनी सीसी रोड इसकी मिसाल है। सीमांत क्षेत्र में बेतरतीब बस रही आबादी जमीन के सौदागरों द्वारा काटी गयी मनमाफिक प्लॉटिंग से नगर, ग्रामीण क्षेत्र डूब, जलभराव की गिरफ्त में हैं। बारिश बंद होने के दो तीन दिन तक डूब की स्थिति से लोगों को निजात नहीं मिलती।
विभिन्न बस्तियों, कालोनियों में लोगों को खड़ंजे, सीसी एवं साधारण रोड नसीब नहीं है। कादरी कालोनी, पूर्णागिरि कालोनी, मयूर विहार-सेक्टर एक, दो, तीन, चार में हमेशा लोगों को जलमग्न कच्चे, पक्के जर्जर मार्गों से आना जाना पड़ता है।
इतना ही नहीं मार्ग निर्माण की मांग को लेकर पीड़ित शासन-प्रशासन सहित जनप्रतिनिधियों के पास चक्कर काटते हैं लेकिन बेशकीमती उपजाऊ जमीन के सौदागर कालोनियां काटकर धान के खेतों में लाखों खर्च कर सीसी निर्माण करा रहे हैं। सरकार के धन का सरेआम दुरुपयोग किया जा रहा है।
नगर से लगे ग्राम ऊंची महुवट संतना में राजीव नगर-संतना मुख्य मार्ग से झनकइया जंगलात की ओर करीब 100 मीटर लंबी, 18 फिट चौड़ी सीसी रोड बनवायी गयी है।
इसकी कार्यदायी संस्था की जानकारी नहीं मिल सकी। फिलहाल धान के खेतों में दोनों ओर से पक्की चिनाई करके उसमें मिट्टी भरान के बाद सीमेंट के साथ खोचड़ डाला गया है। माना जा रहा है कि बारिश के कारण इसमें सीसी नहीं पड़ सकी है।