काशीपुर। राज्य की सभी आठ चीनी मिलों ने इस साल 34 लाख 34 हजार क्विंटल चीनी का उत्पादन किया। यह पिछले साल से करीब 27 हजार क्विंटल अधिक है। राज्य में सबसे अधिक रिकवरी प्राइवेट चीनी मिल लिब्बरहेड़ी की 10.56 प्रतिशत रही। सबसे कम रिकवरी सहकारी चीनी मिल सितारगंज की 8.95 प्रतिशत है।
पेराई सत्र 2017-18 में मौसम गन्ना की फसल के अनुकूल रहा है। सहकारी चीनी मिल सितारगंज, बाजपुर, नादेही कॉरपोरेशन की चीनी मिल किच्छा, डोईवाला, हरिद्वार की प्राइवेट चीनी मिल लिब्बरहेड़ी, इकबालपुर, लक्सर ने पेराई सत्र 2017-18 में 351.12 लाख क्विंटल गन्ना की पेराई की है।
इससे 34 लाख 33 हजार 456 क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ, जबकि वर्ष 2016-17 में 34 लाख सात हजार क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ था। सहकारी चीनी मिल सितारगंज ने 142915 क्विंटल, बाजपुर ने 204061 क्विंटल, नादेही ने 257530 क्विंटल, किच्छा ने 322090 क्विंटल, डोईवाला ने 247095 क्विंटल, लिब्बरहेड़ी ने 696525 क्विंटल, इकबालपुर 60544 क्विंटल चीनी का उत्पादन किया।
गन्ना आयुक्त के जनसंपर्क अधिकारी कमल जोशी ने बताया कि सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों ने कुल 604506 क्विंटल, कॉरपोरेशन की मिलों ने 569185 क्विंटल, प्राइवेट चीनी मिलों ने 2259765 क्विंटल चीनी का उत्पादन किया। चीनी का उत्पादन पेराई सत्र 2016-17 से 26 हजार 446 क्विंटल अधिक है। सहकारी चीनी मिलों में सबसे अधिक रिकवरी 10.20 प्रतिशत नादेही की है। प्राइवेट चीनी मिलों में प्रदेश में सबसे अधिक रिकवरी लिब्बरहेड़ी की 10.56 प्रतिशत है।