काशीपुर। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर कृषि क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कृषि उद्यमियों को निशुल्क प्रशिक्षण के साथ वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराएगा। संस्थान की ओर से चयनित कृषि स्टार्टअप को 25 लाख रुपये तक का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। इच्छुक कृषि उद्यमी 31 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सहयोग और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत आईआईएम काशीपुर के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (एफआईईडी) ने 24 जुलाई को कृषि स्टार्टअप इनक्यूबेशन कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना तथा नए उद्यमियों को जरूरी संसाधन, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम के तहत युवाओं और इच्छुक उद्यमियों को एक माह का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ व्यवसाय विकास, तकनीकी सत्यापन, बाजार रणनीति, उद्योग से जुड़ाव और उद्यम संचालन से संबंधित व्यावहारिक जानकारी देंगे।
पहाड़ के कृषकों के नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
एफआईईडी के प्रोफेसर इंचार्ज सफल बत्रा ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों के कृषकों और कृषि उद्यमियों के नवाचार को भी कार्यक्रम के माध्यम से बढ़ावा दिया जाएगा। इच्छुक लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयनित स्टार्टअप को तकनीकी परामर्श, पायलट परियोजनाओं के अवसर, बाजार तक पहुंच, उद्योग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और व्यवसाय विस्तार में सहयोग दिया जाएगा। इसके अलावा चयनित स्टार्टअप को 25 लाख रुपये तक का अनुदान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। अनुभवी मेंटर्स और निवेशकों के सहयोग से उद्यमियों को अपने नवाचार को व्यावसायिक मॉडल में विकसित करने में भी मदद मिलेगी।
31 अगस्त तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
आईआईएम काशीपुर एफआईईडी के अनुसार राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत कृषि स्टार्टअप के इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट www.fied.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है। युवाओं को कृषि के क्षेत्र में एक माह का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।