काशीपुर। न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने अवैध वसूली व रंगदारी मांगने के मामले में आईटीआई कोतवाली को प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने के निर्देश दिए हैं।
हेमपुर इस्माइल निवासी मुन्ना सरकार ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थनापत्र दाखिल किया। इसमें कहा कि उसकी पत्नी गीता, बेटे उदय सरकार व बेटी किरन सरकार के विरुद्ध एक युवती ने घरेलू हिंसा से संबंधित प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्रार्थी को न्यायालय से नोटिस मिलने के बाद जब मामले की जानकारी की गई तो उसे कथित रूप से पता चला कि उस युवती ने स्वयं को उदय सरकार की बीवी बताते उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप लगाया कि युवती व उसके भाई, पिता निवासी जाफराबाद शेरकोट, बिजनौर व एक अन्य महिला निवासी गदरपुर हाल निवासी गढ़वाल सभा ने उस युवती से प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस गिरोह के लोग सीधे-साधे लोगों, विशेषकर युवाओं को अपने जाल में फंसाकर उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर मोटी रकम की मांग करते हैं। पीड़ित ने अदालत को बताया उन लोगों ने उससे दस लाख रुपये की मांग की। रकम नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में 8 मई को आईटीआई कोतवाली में तहरीर दी लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। 26 मई को एसएसपी को और सीएम पोर्टल के माध्यम से शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार ने शिकायत में लगाए गए आरोपों व उपलब्ध दस्तावेजों का अवलोकन कर आईटीआई कोतवाली को प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं।