आईआईएम में पांचवां दीक्षांत समारोह मनाया
- फोटो : अमर उजाला
काशीपुर। नीली गाउन पहने 149 विद्यार्थियों ने एक साथ जब हैट उड़ाकर अपनी खुशी का इजहार किया तो वहां मौजूद हर किसी ने उनका जमकर उत्साह बढ़ाया। मौका था आईआईएम के पांचवें दीक्षांत समारोह का। पीजीपी में ए श्रीनाथ रेड्डी और ईपीजीपीएम में हर्षराज को गोल्ड मेडल मिला, जबकि पीजीपी में ही अदित्य पचवारिया और ईपीजीएम में समीर कुमार मिश्रा को सिल्वर मेडल मिला। पीजीपी में वैभव शर्मा को कांस्य पदक मिला जबकि ऑल राउंड परफॉर्मेंस का अवार्ड अनुभव मुखर्जी को मिला।
कुंडेश्वरी रोड स्थित आईआईएम के नए कैंपस में पांचवां दीक्षांत समारोह भव्यता से मनाया गया। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापरक शिक्षा होनी चाहिए और शोध संस्थानों में लोगों की भागीदारी बढ़नी चाहिए। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, इससे गरीबों का भला हो। आईआईएम के चेयरमैन ध्रुव एम शॉने ने कहा कि अब इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) का युग है।
बिजनेस में दुनियाभर में एक दूसरे से जुड़े अरबों कंप्यूटर्स की क्षमता का उपयोग करना ही आईओटी है। उपभोक्ताओं की संस्तुति पर केंद्रित सामाजिक मार्केटिंग एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु है। आईआईएम के डायरेक्टर डॉ. गौतम सिन्हा ने कहा कि पीजीपी के 120 विद्यार्थियों में से 106 विद्यार्थियों को प्लेसमेंट मिल चुकी है। बांकी 14 विद्यार्थियों को भी शीघ्र प्लेसमेंट मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि नए कैंपस का उद्घाटन होने के साथ ही इस वर्ष से पीजीपी के दो और बैच नए कैंपस में शिफ्ट हो जाएंगे। बताया कि नए कैंपस में सातों दिन 24 घंटे नेटवर्क उपलब्ध रहता है। इससे विद्यार्थियों नेट से जुड़ी किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता।
इस दौरान मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने नए कैंपस का उद्घाटन किया। पीजीपी के 120 विद्यार्थी, ईपीजीपीएम 29 विद्यार्थियों को डिप्लोमा बांटे गए। वहां पर सांसद भगत सिंह कोश्यारी, डीएम डॉ. नीरज खैरवाल, एसएसपी सदानंद दाते आदि मौजूद थे।