ऊंची पहुंच रखने वाले शिक्षकों को मनमाफिक तबादलों के लिए शिक्षा विभाग ने नियमों को ही ताख पर रख दिया है। ऐसे शिक्षकों को लाभ पहुंचाने के लिए विभाग ने शासनादेश को तोड़-मरोड़ कर तबादले के नियम ही बदल डाले। विभाग ने जिले से छह शिक्षकों को दूसरे जिलों में और बाहरी जिलों से यहां नौ शिक्षकों का तबादला कर दिया।
ब्लॉक स्तर पर तीन शिक्षकों के स्थानांतरण हुए। यहां तक कि तबादलों की लीपापोती को छिपाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया तक नहीं अपनाई गई और उन्हें एलपीसी भी जारी कर दी। विभाग के अधिकारी दबी जुबां से गलती स्वीकार तो कर रहे हैं, लेकिन खुद की गर्दन बचाने के लिए स्थानांतरित शिक्षकों को वापस बुलाने का नया पैंतरा चल दिया।
शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक विवाह के बाद पति के गृह जनपद या सरकारी सेवारत पति के जनपद में रहने, वर्तमान कार्यस्थल पर पांच वर्ष की सेवा पूर्ण कर लेने, 55 वर्ष की आयु वाले, गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों के ही तबादले अनुरोध पर किए जा सकते हैं। इन अर्हताओं के शिक्षकों को स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
इसके इतर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने नियमों के विरुद्ध 31 दिसंबर 2016 को नवीन संवर्ग बनाकर आदेश जारी कर सेवा संवर्ग परिवर्तन के लिए उक्त अर्हताएं न रखने वाले शिक्षकों को उनकी मनमाफिक जगहों पर तबादला करने की अनुमति दे दी। अंतिम वेतन प्रमाणपत्र (एलपीसी) काटने का कोई अधिकार नहीं है।
शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, नियमों को ताख पर रखकर राजकीय प्राथमिक विद्यालय सिसैया नवीन की सहायक अध्यापिका शशिकांता भारती, करघटिया के सहायक अध्यापक ललित फर्त्याल और ठाकुरनगर के द्वारिका प्रसाद त्रिपाठी का काशीपुर स्थानांतरण कर दिया गया। इसके अलावा तुलसी थापा का देहरादून तबादला किया गया।
वहीं, ऊधमसिंह नगर जिले से छह शिक्षकों को बाहरी जिलों में और बाहरी जिलों से यहां नौ शिक्षकों का स्थानांतरण हुआ है। इन सब शिक्षकों में एक ने भी ऑनलाइन आवेदन नहीं किया और न ही विभाग की वेबसाइट पर स्थानांतरण की सूचना अंकित की गई। बावजूद इसके इन सबकी एलपीसी भी जारी कर दी।
- शिक्षकों के तबादलों का मामला शासन स्तर का है। मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। शासन से स्थानांतरण के आदेश मिले थे। जिसके बाद चारों को यहां से स्थानांतरित कर दिया गया।
- सुषमा गौरव, उप शिक्षाधिकारी, सितारगंज
- उनकी यहां तैनाती से पहले कुछ स्थानांतरण गलत तरीके से किए गए हैं। ब्लॉक कैडर के शिक्षकों को व्यवस्था के तौर पर स्थानांतरित किया गया है। उनके स्थान पर शिक्षक आते ही उन्हें वापस भेज दिया जाएगा। एलपीसी जारी करने की जांच की जाएगी।
-डा. अशोक कुमार गुंसाई, जिला शिक्षाधिकारी (बेसिक), ऊधमसिंह नगर