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जगतपुरा में भी मालिकाना हक नहीं तो वोट नहीं की फ्लैक्सी टंगी

Thu, 25 Oct 2018 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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रुद्रपुर के जगतपुरा में लगी घरों का मालिकाना हक नहीं तो वोट नहीं की फ्लैक्सी। - फोटो : amar ujala
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नजूल भूमि पर काबिज बस्तियों में मालिकाना हक नहीं तो वोट नहीं का नारा खूब चल रहा है। बस्तियों में ऐसे नारे वाली फ्लैक्सी लगने का सिलसिला जारी है। जगतपुरा में लोगों ने नेताओं के वोट मांगने पर प्रतिबंध की फ्लेक्सी लगा दी है। 
दरअसल नजूल पर मालिकाना हक न मिलने और चुनाव लड़ने पर लगी रोक से इन जमीनों पर काबिज लोगों में भारी गुस्सा है।

रम्पुरा क्षेत्र से लोगों ने मालिकाना हक नहीं तो वोट नहीं की मुहिम शुरू की थी। लोगों ने घरों के साथ ही वाहनों में भी वोट नहीं के पंफलेट चस्पा किए थे। चुनाव की सरगर्मियां बढ़ने के साथ ही मुहिम भी अन्य बस्ती और कॉलोनियों में फैल रही है। इंदिरा कॉलोनी, बाजार के बाद अब जगतपुरा में भी लोग मुहिम में लामबंद हो गए हैं।
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स्वतंत्रता सेनानी साधु सिंह बाजवा मार्ग पर लगे बोर्ड के नीचे लोगों ने घरों का मालिकाना हक नहीं तो वोट नहीं की फ्लैक्सी लगाई है। इसमें यह भी लिखा है कि सभी पार्टी के नेताओं का जगतपुरा में वोट मांगने पर प्रतिबंध है। किसी भी प्रचारक रिक्शे का मोहल्ले में आने पर प्रतिबंध है। ठीक चुनाव में नजूल का मुद्दा उठने से सबसे बड़ी दिक्कत सत्तारूढ़ भाजपा को हो रही है।

हालांकि लोग किसी भी दावेदार के पक्ष में नहीं हैं। मालिकाना हक नहीं तो वोट नहीं का नारा सोशल मीडिया में भी खूब चल रहा है। रम्पुरा निवासी हिम्मत राम कहते हैं कि बस्तियों में अधिकांश गरीब लोग हैं। दशकों से नजूल पर काबिज लोग अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।  

गदरपुर में वार्ड एक और 11 के लोग चुनाव बहिष्कार करेंगे
वार्डों की समस्याएं हल न होने से लोगों में आक्रोश पनप रहा है। पालिका के वार्ड नंबर एक और 11 के लोगों ने निकाय चुनाव में किसी भी प्रकार की भागीदारी नहीं करने का ऐलान किया है। वार्ड वासियों ने बैठक कर समस्याओं का समाधान न होने तक निकाय चुनाव में मताधिकार का उपयोग नहीं करने का फैसला लिया है। इसके लिए बाकायदा पंफलेट भी छपवाए गए हैं। 


वार्डवासियों ने एक अधिवक्ता द्वारा वार्ड नंबर एक एवं 11 के तमाम गरीब और निम्न वर्ग के लोगों के घर उजाड़ने के लिए हाइकोर्ट में दाखिल याचिका का हवाला देते हुए कहा कि पिछले पांच दशकों से कच्चे-पक्के घर बनाकर रह रहे परिवारों की किसी भी पार्टी ने सुध नहीं ली है। निकाय चुनाव में किसी भी राजनैतिक दल के प्रत्याशी को मत नहीं दिया जाएगा।
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बहुत ज्यादा हुआ तो मतदान में नोटा का बटन या फिर निर्दलीय का साथ दिया जाएगा। उन्होंने पंफलेट के माध्यम से अपनी पीड़ा को बयां किया हैै। अपनी बात को शासन-प्रशासन तक पहुंचाकर समस्या का समाधान निकालने की बात कही है।

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