काशीपुर। मैं एक किसान हूं। मैं आत्महत्या कर रहा हूं। क्योंकि हमारे साथ फ्रॉड हुआ है और चार महीनों से पुलिस हमारा ही उत्पीड़न कर रही है। मैं मर रहा हूं। मेरे मरने के बाद मेरे शरीर के सभी अंगों को बेच देना और जो रुपये मिलेंगे वो जिम्मेदार पुलिस अफसरों को दे देना। हम मर चुके हैं और हम अपनी मौत की जांच सिर्फ सीबीआई से करवाना चाहते हैं क्योंकि पुलिस के बड़े-बड़े अधिकारी इसमें मिले हैं। आरोपियों को बचाकर हमें झूठा ठहराया गया। मुझे सिर्फ इंसाफ चाहिए।
यह शब्द पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह के हैं। जिन्होंने गोली मारकर खुद की जान ले ली। अपनी जान लेने से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया जिसमें आरोपियों सहित पुलिस के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके वीडियो ने सभी को झकझोर दिया है। इसमें आठ महिला समेत 26 लोगों का नाम लेकर उन पर जमीन खरीद-फरोख्त में चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
जारी वीडियो में सुखवंत सिंह ने बताया कि जब वह अपनी इस शिकायत को लेकर आईटीआई थाना पहुंचा तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि उनके परिवार के साथ अभद्रता कर घंटों थाने में बैठा कर रखा गया। वहीं जब जिले के एक पुलिस अधिकारी से शिकायत की तो भी कार्रवाई नहीं हुई बल्कि जिन पर रुपये हड़पने का आरोप लगाया उनसे मोटी रकम लेकर उनका ही उत्पीड़न किया गया। वीडियो में कहा कि मरने के बाद उनके व उनकी पत्नी व बेटे के शरीर के अंगों को बेचकर जिम्मेदार पुलिस अफसरों को रुपये दे देना। ताकि वह सुख-चैन से रह सकें। अंत में कहा कि उसकी आत्महत्या के लिए यह सभी लोग जिम्मेदार हैं। जब तक इन जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी उसकी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।
12 वर्षीय बेटे पर चलाई गोली
सुखवंत सिंह बीते दिन अपनी पत्नी और बच्चों के साथ नैनीताल घूमने आया था और गौला पार के देवभूमि होटल में ठहरा हुआ था। देर रात प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद को लेकर वह मानसिक रूप से परेशान हो गया। बीते शनिवार की देर रात करीब ढाई बजे पत्नी-बच्चे के सामने उसने आत्मघाती कदम उठाया। पहले उसने अपने 12 वर्षीय बेटे गुरसेज पर गोली चलाई लेकिन उनकी पत्नी ने बेटे को धक्का देकर बचा लिया जिस पर पत्नी परदीप कौर और गुरसेज घायल हो गए। पत्नी बच्चे के साथ धक्का-मुक्की करके वहां से निकल आई। इसके बाद सुखवंत सिंह ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
2021 में खुली थी हिस्ट्रीशीट
मृतक सुखवंत सिंह पुत्र तेजा सिंह वर्ष 2021 से थाना आईटीआई का हिस्ट्रीशीटर था। पुलिस के अनुसार वर्ष 2018 से फेसबुक व व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों के साथ संपर्क कर धोखाधड़ी के अपराध किए जिस संबंध में प्राथमिकी दर्ज हैं। आईटीआई थाना में 2018 में धारा 420 के चार प्राथमिकी दर्ज हैं। वर्ष 2020 में भी धारा 420, 467, 468, 471, 411 कोतवाली जसपुर में प्राथमिकी दर्ज हैं। इसी के चलते सुखवंत सिंह के खिलाफ 14 सितंबर 2021 को थाना आईटीआई पर हिस्ट्रीशीट संख्या 05ए खोली गई थी।
कोट...
एसपी स्वप्न किशोर सिंह ने जारी वीडियो में बताया कि सुखवंत सिंह पर पांच प्राथमिकी दर्ज हैं। इसमें एक जसपुर में और चार आईटीआई थाना में दर्ज हैं। यह भी बताया कि सुखवंत सिंह ने कुछ पुलिस अधिकारियों और लोगों पर आरोप लगाए हैं। इस मामले की जांच बाजपुर सीओ विभव सैनी को सौंपी गई है।