रुद्रपुर। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का कहना है कि चुनाव आने वाले हैं, उनके खिलाफ कई साजिशें होने लगी हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि उनके पूरे परिवार पर 24 घंटे कैमरे से नजर रखी जाए। उन्हें किसी भी मामले में षडयंत्र के तहत फंसाया जा सकता है। उनकी राजनीतिक हत्या करने की कोशिश हो रही है।
मंगलवार को अपने आवास पर प्रेसवार्ता करते हुए शुक्ला ने किच्छा विधायक तिलकराज हेहड़ पर निशाना साधा है। उनका कहना है ब्लाॅक प्रमुख का चुनाव हुआ, कौन किसे चुनाव लड़ा रहा था मैं इसमें जाना नहीं चाहता। मैंने इस चुनाव में सीमित भूमिका निभाई और एक दलित बेटी की सिफारिश की और उसे चुनाव लड़वाया। चुनाव के डेढ़ महीने बाद मुझ पर आरोप लगा कि मेरे घर कोई 30 लाख रुपये रखकर गया। गरीब लड़के से कहकर मुझ पर आरोप लगाए गए। उसने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की। पुलिस को दिए शपथपत्र में एक बीडीसी सदस्य और उसके पति ने कहा है कि उन्होंने शुक्ला के जन्मदिन पर उनकी छवि धूमिल करने के लिए किच्छा विधायक बेहड़ ने आर्थिक प्रलोभन और विधायक निधि का लालच दिया। मगर न प्रलोभन की रकम मिली न विधायक निधि। शुक्ला का कहना है कि पुलिस ने हमले का समय रहते खुलासा कर दिया वरना उस हमले में भी उनके परिवार को फंसाया जा सकता था। आरोप है कि विधायक उन्हें बदनाम करने के लिए 10 लाख रुपये पीआर पर हर महीने खर्च कर रहे हैं।
नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली...
राजेश शुक्ला ने कहा कि गदरपुर के विधायक अरविंद पांडेय अब डीजीपी से मिल रहे हैं। जब उन पर महिला की हत्या का आरोप लगा तो तब नार्काे टेस्ट की मांग क्यों नहीं की। वह लगातार मुख्यमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। जब पांडेय का दम घुट रहा है तो पार्टी से इस्तीफा दे दें। नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। शुक्ला ने पांडेय की कांग्रेस विधायकों से सांठगांठ का भी आरोप लगाया।
कीचड़ उछालने से पहले अपने गिरेबां में भी झांक लेना : बेहड़
रुद्रपुर। शुक्ला जी, आप बहुत अच्छा बोलते हैं, लेकिन दूसरों पर कीचड़ उछालने से पहले अपने गिरेबां में भी झांक लेना चाहिए। बच्चे किसी के भी गलती कर सकते हैं, एक बार फिर स्वयं को आईने में देखकर आत्ममंथन कीजिए। यह बात किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने राजेश शुक्ला की प्रेसवार्ता के जवाब में कही।
उन्होंने कहा कि ब्लॉक चुनाव के समय अपने ही घर को छावनी में तब्दील करने वाले आज सफाई क्यों दे रहे हैं? आखिर ऐसी क्या मजबूरी आन पड़ी? मन्नू पाल से समझौता कर बाकायदा स्क्रिप्ट लिखवाई गई , मेरे बारे में और आपके बारे में, यह केवल पूरा जनपद ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश तक भली-भांति जानते हैं। आपकी ही सरकार है, आपका ही प्रशासन है, आपके ही अधिकारी सब कुछ आपका, फिर भी आपको भय क्यों सता रहा है? जो सवाल आप मुझसे कर रहे हैं, वे अपनी सरकार और अपने अधिकारियों से क्यों नहीं पूछते?