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नियम-कायदे: हज यात्रा पर जाने वाले मियां-बीवी नहीं रहेंगे साथ, महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग होंगे कमरे

Mon, 11 Aug 2025 01:01 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर

सार

सऊदी अरब सरकार ने वर्ष 2026 की हज यात्रा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। फैसले के मुताबिक इस बार बीवी और शौहर यात्रा के दौरान एक ही कमरे में एक साथ नहीं रह सकते हैं। पुरुषों को महिला आजमीन के कमरों में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
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सांकेतिक तस्वीर।
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सऊदी अरब सरकार ने वर्ष 2026 की हज यात्रा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। फैसले के मुताबिक इस बार बीवी और शौहर यात्रा के दौरान एक ही कमरे में एक साथ नहीं रह सकते हैं। पुरुषों को महिला आजमीन के कमरों में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। अलग-अलग कमरों में ठहराए जाने की यह कवायद पिछले दो वर्षों से चल रही थी जो इस बार अमल में लायी जाएगी।

उत्तराखंड राज्य हज समिति के अधिशासी अधिकारी मोहम्मद आरिफ ने बताया कि हज कमेटी ऑफ इंडिया ने 2026 की हज यात्रा को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। इसमें सऊदी अरब सरकार ने महिलाओं और पुरुष हज यात्रियों को एक साथ एक ही कमरे में ठहराने की व्यवस्था खत्म कर दी है। नए नियम के मुताबिक, पुरुष आजमीन को महिला आजमीन के कमरों में प्रवेश की भी अनुमति नहीं मिलेगी। इस बार महिला और पुरुष आजमीन को अलग-अलग कमरों में ठहराया जाएगा। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब में हज यात्रियों को ठहराने के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया होटल और बिल्डिंग किराए पर लेती है। कमरों के साइज मुताबिक एक ही राज्य के महिला व पुरुष हज यात्रियों का अलग-अलग ग्रुप बनाकर एक ही कमरे में ठहरने की व्यवस्था रहती है।

गाइडलाइन के मुताबिक एक शहर के हज यात्रियों को एक ही इमारत में ठहराए जाने को प्राथमिकता दी जाएगी। पति-पत्नी और करीबी रिश्तेदारों का कमरा अगल-बगल रखे जाने की बात कही जा रही है ताकि जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे की मदद भी कर सकें। उन्होंने बताया कि बगैर महरम कैटेगरी में जाने वाली महिलाएं एक साथ ठहराई जाएंगी। 

 

पिछले वर्ष अकेले भारतीय हज यात्रियों को एक साथ ठहराने की मिली थी छूट

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हज कमेटी के ईओ मोहम्मद आरिफ ने बताया कि सऊदी अरब हुकूमत ने पिछले वर्ष भारतीय हज यात्रियों के बीवी और शौहर को एक साथ ठहराने की छूट दी थी। अब यह छूट इस बार खत्म कर दी गई है। उन्होंने बताया कि दुनिया के अन्य देशों के महिला व पुरुष हज यात्री अलग-अलग कमरों में ठहराए जाते हैं। सऊदी हुकूमत ने सिर्फ भारतीय महिला व पुरुष यात्रियों को एक साथ एक ही कमरे में ठहरने और किचन की छूट दी थी। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों की शिकायत थी, कि एक कमरे में रहने से महिलाओं की बेपर्दगी होती है। महिला और पुरुष हज यात्रियों को अलग-अलग कमरों में ठहराए जाने की यह कवायद पिछले दो वर्षों से चल रही थी। 

 

अलग रहने से कई समस्याओं का होगा सामना
महिला और पुरुष यात्रियों के सऊदी अरब में अलग रहने से कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हज आवेदकों ने बताया कि पहली बार हज पर जाने वाले बुजुर्ग को अपनी पत्नी के साथ न रहने पर कई समस्याएं पैदा होंगी। कुछ यात्रियों ने इस नियम को उनके धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है। हज आवेदक मोहम्मद फखरुद्दीन ने बताया कि हज के दौरान अकेले रहने पर पति-पत्नी खुद को असहज महसूस करेंगे। उन्हें एक-दूसरे के बिना परेशानी हो सकती है। खासकर वे लोग जो बीमार हैं या जिन्हें चलने-फिरने में कठिनाई होती है। विदेशी धरती पर पहली बार अनजान जगह उन्हें अपने लाइफ पार्टनर से अलग रहना पड़ेगा। उन्हें सुरक्षा संबंधी चिंता भी सताएगी। हालांकि सऊदी सरकार ने यह नियम भीड़ प्रबंधन और तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लागू किया है। हज एक धार्मिक यात्रा है और तीर्थ यात्रियों को धैर्य और समझदारी से इस नियम का पालन करना होगा। इस संबंध में हज कमेटी ऑफ इंडिया या सऊदी दूतावास से संपर्क कर नियम से जुड़ी जानकारी ली जा सकती है। 

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