पूर्व विधायक शैलेंद्र मोहन सिंघल का दर्द आखिरकार सामने आ ही गया। कांग्रेस से विद्रोह करने वाले नौ विधायकों में शामिल सिंघल ने सोमवार को मंडुवाखेड़ा गांव में हुए सम्मेलन में साफ कहा कि कांग्रेस छोड़ने के पीछे अगर कोई वजह है तो वह खुद मुख्यमंत्री हरीश रावत ही हैं।
मुख्यमंत्री जसपुर में तो कहते थे कि जो सिंघल कहे वही सही और दून पहुंचकर उनसे बात करना तक मंजूर नहीं करते थे। 15 नवंबर को जसपुर में की गई मुख्यमंत्री की तमाम घोषणाओं में से एक भी पूरी नहीं हुई।
कार्यकर्ता सम्म्ेलन में पूर्व विधायक का जमकर स्वागत भी हुआ। ग्राम प्रधान देवेंद्र कश्यप ने मुख्यमंत्री पर जसपुर क्षेत्र के लेागों के साथ धोखा करने, विकास कार्यों की घोषणा करने के बाद भी पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। दूल्हे खां ने कहा कांग्रेस सरकार ने विधानसभा क्षेत्र की लगातार उपेक्षा की है।
मुख्यमंत्री ने 10 फरवरी 2016 को जसपुर आगमन पर कृषि उत्पादन मण्डी समिति में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में नादेही चीनी मिल का विस्तारिकरण आदि दर्जनों विकास योजनाओं की घोषणा की थी। किसी भी घोषणा को अब तक नहीं पूरा नहीं किया गया।
यहां दारा सिंह, सुधीर विश्नोई, अंकुर सक्सेना, कीर्ति त्यागी, समरपाल सिंह, विकल चैहान, सोमपाल कश्यप, राज कुमार, वसीम अहमद, तसलीम अहमद आदि उपस्थित थे।