रुद्रपुर। जिले में हेपेटाइटिस (काला पीलिया) बी और सी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बीते जून तक जिले में 426 लोग हेपेटाइटिस सी और 103 हेपेटाइटिस बी से ग्रसित थे। हेपेटाइटिस सी से ग्रसित 231 लोगों को दवा की तीनों डोज दी जा चुकी हैं। 195 लोगों को दो डोज दी गई हैं। तीन डोज में कोर्स कंपलीट हो जाता है। हेपेटाइटिस बी के 103 में से 22 नए मरीज हैं। हेपेटाइटिस बी के मरीजों की दवा हमेशा चलती रहती है।
काला पीलिया को हेपेटाइटिस बी और सी वायरस के कारण होने वाली एक गंभीर यकृत (लीवर) की बीमारी के रूप में जाना जाता है। इस रोग से पीड़ित व्यक्ति की त्वचा और आंखों का सफेद भाग पीला पड़ जाता है और काफी थकान महसूस होती है।
हेपेटाइटिस बी और सी बीमारी के लक्षण
बुखार आना, भूख न लगना, पेट दर्द, मल का पीला, मूत्र का गाढ़ा होना और त्वचा में खुजली इसके लक्षण हैं।
घातक है बीमारी लेकिन सावधानी बचा सकती है
यह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में शरीर के तरल पदार्थों के माध्यम से फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति के रक्त, लार और असुरक्षित यौन संबंध रोग के फैलने का प्रमुख कारण हैं। इलाज न किया जाए तो यह लीवर सिरोसिस या लीवर कैंसर जैसी गंभीर स्थितियों का कारण बन सकता है। काला पीलिया एक गंभीर बीमारी है लेकिन सही समय पर इलाज और सावधानी से इस पर काबू पाया जा सकता है।
खटीमा और काशीपुर में भी मिलेगी दवा
अब तक जिला अस्पताल में ही काला पीलिया की दवा मिलती थी। लोगों को दवा के लिए जिला अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते थे। अब खटीमा और काशीपुर के उप जिला अस्पतालों में भी दवा मिलेगी। सीएमओ ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।
कोट
हेपेटाइटिस की दवा खटीमा और काशीपुर क्षेत्र में देने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जल्द ही काशीपुर और खटीमा में काला पीलिया की दवा मिलने लगेगी। - डाॅ, केके अग्रवाल, सीएमओ, यूएस नगर