जलभराव की चपेट में आई गुलरभोज रोड की दुकानें
मंगलवार की रात्रि से शुरू बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।नवीन अनाज मंडी में तौल के लिए लाया गया कई सौ कुंटल धान और बोरियां पानी में भीग गए। इससे किसानों और व्यापारियों को भारी नुकसान होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। ज्ञान विहार में अनाज मंडी में किसानों की फसल की सुरक्षा के लिए किसी भी प्रकार के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। पालिका क्षेत्र के गूलरभोज रोड, आवास विकास मार्केट, सकैनिया रोड आदि कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने पर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने नालियों की सफाई कर पानी की निकासी कराया।
गूलरभोज मोड पर नीची पुलिया का एसडीएम गौरव पांडेय, ईओ संजीव मेहरोत्रा, लोनिवि के एई विनोद कुमार सहित जल संस्थान और दूरसंचार विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण किया। बारिश से नदी-नालों के जलस्तर में भी बढ़ोत्तरी हो गई है। नाहल नदी में अधिक पानी आने से किसानों की कई एकड़ कृषि भूमि जलभराव की चपेट में आ गई है। तहसीलदार लीना चंद्रा ने बताया सभी पटवारियों को बारिश से होने वाले नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया गया है।
हरिपुरा जलाशय का दो, बौर का एक फीट बढ़ा जलस्तर
गूलरभोज में दो दिन से हो रही रुक-रुक कर लगातार हो रही बारिश से हरिपुरा जलाशय का दो व बौर जलाशय का एक कीट जलस्तर बढ़ गया है। अधिकारियों के अनुसार पहाड़ से आ रही भाखड़ा व बौर नदी से लगातार बरसाती पानी आ रहा है। हरिपुरा जलाशय का जलस्तर दो दिन पहले 779 फीट था, जो बुधवार को बढ़कर 781 पहुंच गया है। इधर बौर जलाशय में दो दिन पहले जलस्तर 772 फीट था वह अब बढ़कर 773 हो गया है। बताया जा रहा है कि पहाड़ से आने वाली भाखड़ा नदी व बौर नदी से लगातार पानी आने से जलस्तर बड़ा है। सिंचाई विभाग के अभियंता हरपाल सिंह ने बताया कि भाखड़ा नदी में 600 क्यूसेक पानी हरिपुरा जलाशय में और बौर नदी में 200 क्यूसेक पानी बौर जलाशय में आ रहा है। यह नदियां पहाड़ से आती हैं। 788 फीट जलस्तर होने पर दोनों जलाशय का जलस्तर बराबर हो जाता है। इसके बाद जो भी पानी आता है, दोनों जलाशय में बराबर ही बढ़ता है।