सितारगंज बघौरी गांव में आला हजरत द्वार का उदघाटन करने के बाद आबाम को संदेश देते दरगाह आला हजरत के ?
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सितारगंज। दरगाह आला हजरत के अल्लामा मौलाना सुब्हानी मियां ने कहा कि मुल्क में नफरत के हालात पैदा हो गए हैं। कुछ तत्वों की ओर से पैदा किए गए इन हालात को परास्त करने के लिए आपसी सौहार्द्र को बढ़ावा दिया जाए। हिंदू, मुस्लिम, सिख व ईसाई समेत सभी धर्म व वर्ग के लोगों को आगे आकर नफरत का मुकाबला करना चाहिए। इसी एक कड़ी के रूप में आला हजरत के नाम पर जिला पंचायत की तरफ से द्वार बनाया गया है जो आपसी सौहार्द्र की बेहतरीन मिसाल है। सियासी लोगों को इससे सीख लेनी चाहिए।
मंगलवार को बघौरी गांव में करीब 20 लाख रुपये से 400 मीटर लंबी तीन सीसी सड़कों, करीब दस लाख रुपये से बने एक आला हजरत द्वार व पांच लाख से तैयार कब्रिस्तान की चहारदीवारी का लोकार्पण व उद्घाटन मुख्य अतिथि दरगाह आला हजरत बरेली से आए अल्लामा मौलाना हजरत सुब्हान रजा सुब्हानी मियां व जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार एवं उनके पति डॉ. सुरेश गंगवार ने किया।
डॉ. गंगवार ने कहा कि सितारगंज कौमी एकता का गुलदस्ता है जहां कई किस्म के फूल हैं। उन्होंने क्षेत्र में आला हजरत के नाम से एक लाइब्रेरी बनाने का प्रस्ताव भी रखा। उनकी पत्नी जिपं अध्यक्ष रेनू गंगवार ने बताया कि बघौरी से पहले सिरौली गांव में भी आला हजरत द्वार का निर्माण कराया गया था। वहां राम नगीना प्रसाद, अख्तियार अहमद पटौटी, गुरप्रीत सिंह देओल, सय्यद मुन्ने मियां, मौलाना अशरफ उल कादरी, मुफ्ती कासिम रजा मिस्बाही, आरिफ उल कादरी, तस्लीम रजा वाहिदी, सैयद अकरम मियां, सैयद मेराज मियां आदि थे। संचालन मौलाना रफीक उल कादरी ने किया।