पंतनगर में प्रेस वार्ता करते राज्यपाल जनरल(सेवनिवृत्त) गुरमीत सिंह।
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पंतनगर। ‘जीबी पंत विवि ने देश और दुनिया को कृषि एवं बीच क्रांति का संदेश दिया है। यहां से कृषि में होने वाले शोध और नई तकनीकों का संदेश पूरी दुनिया में जाएगा।’ यह बातें दो दिवसीय भ्रमण पर पंतनगर पहुंचे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने कहीं। उन्होंने कहा कि ऊधमसिंह नगर जिले के किसान बेहतरीन खेती कर रहे हैं। यह जिला प्राकृतिक और जैविक खेती का केंद्र बन सकता है।
सोमवार को तराई भवन (कुलपति निवास) में आयोजित प्रेसवार्ता में राज्यपाल सिंह ने कहा कि यहां के लोगों से उन्हें बेहद लगाव है, क्योंकि ऊधमसिंह नगर एक बहु संस्कृति, बहुभाषी तथा विभिन्न समुदायों की आबादी का जिला है। यहां का सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि देश में तेजी से पांव पसार रहे कोविड के ओमिक्रॉन वैरिएंट से जिले की तैयारियों का जायजा लेने के लिए आया हूं। इसके लिए उन्होंने डीएम, एसएसपी, सीडीओ और सीएमओ के साथ बैठक कर विकास कार्यों, संचालित परियोजनाओं, समस्याओं की समीक्षा सहित जिले की चुनौतियों पर चर्चा की है।
कहा कि ओमिक्रॉन को लेकर जिले की तैयारियों से वह संतुष्ट हैं। राज्यपाल ने कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाना चाहिए। राजभवन जल्द ही इस क्षेत्र में पहल करेगा। ऊधमसिंह नगर जिले से कृषि क्षेत्र में क्या क्रांति लाई जा सकती है, इस पर प्रशासन को एक रूपरेखा तैयार करनी चाहिए। उन्होंने राज्य के थारू और बोक्सा जनजाति के लोगों को मशरूम उत्पादन, पोल्ट्री, जैविक खेती जैसे कार्यों से जोड़ने की जरूरत पर बल दिया। राज्यपाल ने कहा कि राज्य की महिलाएं पर्वतीय क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह के माध्यम से आर्थिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में क्रांति कर रही हैं। वास्तव में राज्य की महिलाओं के कंधों पर ही राज्य के विकास का उत्तरदायित्व है।
अपराध के पैटर्न को समझना जरूरी
राज्यपाल ने कहा कि ऊधम सिंह नगर जिला सीमांत जिला है। पुलिस और प्रशासन को आने वाली चुनौतियों के लिए क्षमता विकास करना होगा। पुलिस को अपराधों की बदलती प्रवृत्तियों व पैटर्न को समझना होगा। अपराधों को रोकने के लिए प्रो-एक्टिव पुलिस, प्री-एक्टिव पुलिस और प्रीवेंटिव पुलिस की अवधारणा पर काम करना होगा। जिले की सीमा से लगे यूपी के पांच जिलों की पुलिस-प्रशासन से भी निरंतर समन्वय बनाए रखना होगा।