रुद्रपुर। यूएस नगर की 29 गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के के पदाधिकारी सुखवंत सिंह खुदकुशी मामले में शनिवार को एक मंच पर आए। सभी ने एक स्वर में पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने और आरोपी थानेदार को बर्खास्त करने की मांग उठाई। छह सूत्री मांग पत्र सीएम और राज्यपाल को भेजा गया है।
गुरुद्वारा सिख केंद्रीय कमेटी रुद्रपुर समेत 29 गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों ने शनिवार को बैठक की। केंद्रीय कमेटी के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने कहा कि गुरुद्वारा सिख केंद्रीय कमेटी यह मांग करती है कि जिस तरह से मृतक सुखवंत सिंह ने अपनी वीडियो में आरोपियों का नाम लिए है उन सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करके पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए।
उन्होंने कहा कि सुखवंत सिंह ने वीडियो में बताया कि थाना इंचार्ज कुंदन रौतेला ने सिख समाज के लिए भद्दी और न सहने योग्य शब्दावली का इस्तेमाल किया जो कि निंदनीय है। आरोपी थानेदार कुंदन रौतेला पुलिस महकमे में अपनी सेवाएं देने लायक नहीं है इसलिए तत्काल उन्हें नौकरी से बर्खास्त किया जाए।
बैठक में तय हुआ कि 20 जनवरी को सुखवंत की अंतिम अरदास में अधिक से अधिक संगत पहुंचेगी और 20 जनवरी तक इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो गुरुद्वारा सिख केंद्रीय कमेटी फिर बैठक निर्णय लेगी। बैठक में महासचिव प्रतिपाल सिंह, सुमुख सिंह, गुरमीत सिंह, अजमेर सिंह, हरजीत सिंह विरदी, अजीत सिंह, बलविंदर सिंह, सोमपाल सिंह, परविंदर सिंह, अमनदीप सिंह, कमलजीत सिंह, हरि सिंह ग्रोवर, करनैल सिंह नागपाल, अवतार सिंह चावला, अमर सिंह, हरभजन सिंह आदि मौजूद रहे।
चार करोड़ रुपये मुआवजा दे सरकार
सीएम और राज्यपाल को भेजे गए छह सूत्री मांग पत्र में कहा गया है कि सुखवंत के चार करोड़ रुपये के आर्थिक नुकसान की भरपाई के अलावा सरकार अपनी ओर से परिवार को अतिरिक्त चार करोड़ का मुआवजा दे। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों ने आरोप लगाया कि सुखवंत के परिवार के सदस्यों के बयान बदले या बदलवाए जा रहे हैं। इससे साफ है कि उन पर दबाव बनाया जा रहा है।