रुद्रपुर। एक व्यक्ति को प्लाट के नाम तीन लाख 18 हजार रुपये लेकर सरकारी जमीन बेच दी गई। अदालत के आदेश पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में खटीमा के ग्राम भगचुरी और हाल सनसिटी बिगवाड़ा निवासी परविन्द कुमार ने कहा है कि उनकी मुलाकात वर्ष 2013 में रवि शंकर शुक्ला निवासी शुक्ला फार्म रुद्रपुर, अरविन्द कुमार शर्मा निवासी-प्रीतनगर किच्छा और सन्तोष मणि त्रिपाठी निवासी खेड़ा रुद्रपुर से हुई थी। इन लोगों ने ग्राम भमरौला में आवासीय प्लाटिंग करने की बात कही थी। इस पर वे कालोनी में प्लाट लेने पर हामी भर दी थी। उन्होंने प्लाट की एवज में तीन लाख 18 हजार रुपये आरोपियों को दिए थे। पांच अगस्त 2013 को उनकी माता सरोज देवी के नाम पर आवासीय प्लाट नंबर-21 का रजिस्ट्री बैनामा और दाखिल खारिज भी हो गया था। कुछ साल बाद वह मौके पर गया तो पता चला कि उनको बेचा गया प्लाट वर्ग 1क संक्रमणीय अधिकारी वाली भूमि न होकर बंजर (सरकारी) भूमि है। इन लोगों ने गलत व कूटरचित खतौनी व असल तथ्य छुपाकर धोखाधड़ी से उनके रुपये हड़कने के लिए यह कृत्य किया। उन्होंने सही प्लाट देने या रुपये वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगे। ये लोग बंजर भूमि पर कब्जा कर मकान बनाने के लिए दवाब बना रहे थे। एक दिसंबर 2024 की दोपहर वह अपने साथी कमलेश सिंह निवासी छतरपुर और सन्तोष सिंह कुशवाहा निवासी नौसर खटीमा के साथ रविशंकर शुक्ला के निवास पर गया था। लेकिन आरोपियों ने उनको सही प्लाट देने या रुपये वापस करने से इंकार कर दिया। आरोपियों ने कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने एक दिसंबर को थाना रुद्रपुर में प्रार्थना पत्र दिया था और छह दिसंबर को एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया था, मगर कोई कार्यवाही नहीं की गई। अदालत ने तीनों अभियुक्तों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए।