आधा दर्जन गांवों के लोगों को 28 दिन से घरेलू गैस की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। गैस सिलेंडर न मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने सिसौना गांव में चंपावत जा रही सिलेंडरों से भरी गाड़ी रोक ली और प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी।
गैस उपभोक्ताओं के आक्रोश को देख सीओ और डीएसओ मौके पर पहुंचे और जाम लगाकर सिलेंडरों की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। इस पर डीएसओ ने 306 सिलेंडरों की गाड़ी मंगाकर उपभोक्ताओं को बंटवाई, तब ग्रामीणों ने जाम खोला।
- सिसौना में 306 सिलेंडरों से भरी गाड़ी लेकर पहुंचे डीएसओ
- सिलेंडर बंटने पर करीब तीन घंटे बाद खोला जाम
सिडकुल से सटे ग्राम सिसौना में मजरा मार्ग पर महीने के प्रत्येक बुधवार को इण्डेन गैस एजेंसी की ओर से सिलेंडर बांटे जाते हैं। लेकिन, पिछले 28 दिनों से सिसौना में गैस नहीं पहुंची। इससे सिसौना, नकुलिया, मजरा, उकरौली, बरुआबाग, कोटाफार्म आदि गांवों के उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।
बुधवार सुबह आठ बजे सैकड़ों उपभोक्ता सिलेंडरों के साथ मजरा मार्ग पर लाइन में खड़े हो गए। दस बजे तक सिलेंडरों का वाहन न पहुंचने पर उनका पारा चढ़ गया और वह गैस एजेंसी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे। दोपहर करीब 12 बजे हल्द्वानी से चंपावत गैस लेकर जा रहे वाहन को सिसौना में प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया सड़क जाम कर दी। इससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
पुलिस क्षेत्राधिकारी हिमांशु शाह और जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को जल्द ही गैस व्यवस्था में सुधार लाने की बात कहते हुए समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। करीब तीन घंटे तक जद्दोजहद के बाद डीएसओ आर्य ने एजेंसी से 306 सिलेंडरों से भरा ट्रक मौके पर बुलाया और उपभोक्ताओं को गैस बंटवाई। इस पर प्रदर्शनकारी शांत हो गए। हालांकि करीब सौ लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पाए। वहां मुकेश सनवाल, जया जोशी, रमेश आर्य, पंकज पानू, पुष्पा, हिमानी, दिव्या, नेहा, किशन फौजी, हरजीत सिंह, सुभाष, नंदन मेहरा आदि थे।