रुद्रपुर। जिले में निर्धन और आरक्षित वर्ग के लोग सौ फीसदी अनुदान पर गोट वैली और कुक्कुट पालन की यूनिटें लगा सकेंगे। पशु पालकों को दुग्ध उत्पादन के लिए उन्नत नस्ल का चारा उगाने को नि:शुल्क बीज दिया जाएगा। इसके लिए पशुपालन विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। विभाग नवीन तकनीक को दुग्ध उत्पादकों तक पहुंचाने के लिए खंड स्तर पर प्रदर्शनी भी लगाएगा।
बीते दिनों विकास भवन में जिले के प्रभारी मंत्री गणेश जोशी की अध्यक्षता में जिला योजना की बैठक में पशुपालन विभाग की ओर से दिए दो करोड़ रुपये की योजनाओं के प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। विभाग के अनुसार जिले भर में सभी वर्ग के निर्धन पशुपालकों के लिए गोट वैली (बकरी पालन) यूनिट बनेंगी। इसमें चयनित लाभार्थी को तीन बकरी व एक बकरा उपलब्ध कराया जाएगा। सामान्य वर्ग के लिए बैक्यार्ड कुक्कुट पालन और अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के लिए कुक्कुट पालन इकाइयां बनेंगी। इसमें सौ फीसदी अनुदान पर 50 क्रायलर चूजे की इकाई उपलब्ध कराई जाएगी। दो माह बाद लाभार्थी चूजों के पालन के बाद होने वाली आय से चूजे क्रय कर व्यवसाय अपना सकेंगे।
कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों का होगा सुदृढ़ीकरण
रुद्रपुर। पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत प्रजनन योग्य पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा दी जा रही है। इसी के तहत देशी नस्ल की 6300 गायों को सेक्सड सोर्टेड सीमन का उपयोग करते हुए उनका कृत्रिम गर्भाधान कराया जाना है। इसमें गायों से 90 फीसदी से अधिक बछियों की पैदावार होगी। संवाद
जिला योजना की बैठक में दो करोड़ रुपये की योजनाओं का प्रस्ताव रखा था, जो अनुमोदित हो गया है। धनराशि आवंटित होने के बाद गोट वैली, कुक्कुट पालन और उन्नत नस्ल का चारा बीज आदि किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। ताकि, पशुपालन के प्रति किसानों को रुझान बढ़ सके और किसानों की आय में भी इजाफा हो। -डॉ. एसबी पांडेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ऊधमसिंह नगर।