गांव बाजपुर क्षेत्र में घोघा नदी पर निर्माणाधीन 30 मीटर लंबा पुल रविवार को धराशायी हो गया। इस दौरान काम कर रहे पांच श्रमिक घायल हो गए, जबकि करीब 12 मजदूर चोटिल हो गए। ठेकेदार ने प्राथमिक इलाज के बाद घायलों और अन्य मजदूरों को गुप्त स्थानों पर पहुंचा दिया। खबर मिलते ही ग्रामीणों की मौके पर भीड़ लग गई। तहसीलदार, लोनिवि अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की। पुल का निर्माण कार्यकारी संस्था लोनिवि के संचालन में सालभर से चल रहा था। पुल गिरने के पीछे शटरिंग के दौरान लेबरों की लापरवाही बताई जा रही है।
ग्रामीणों की मांग पर शासन से घोघा नदी पर पुल निर्माण के लिए 93 लाख रुपए मंजूर किए गए। लोनिवि ने अगस्त 13 में घोघा नदी पर पुल निर्माण कराने का टेंडर बालाजी कंस्ट्रक्शन को दिया गया था। ठेकेदार को अग्रिम भुगतान के रुप में 45 लाख दिए जा चुके हैं। जिसका काम जनवरी 2014 में शुरू किया गया। ठेकेदार करीब सप्ताह भर से शटरिंग का काम करवा रहा था। रविवार को पूर्वाह्न 11.30 बजे घोघा नदी का 30 मीटर निर्माणाधीन पुल अचानक गिर गया। इस दौरान कार्य कर रहे मजदूरों में चीख पुकार मच गई। पुल में दबे रुड़की (हरिद्वार) निवासी इकराम, उस्मान सहित पांच लोग गंभीर रुप से घायल हो गए।
घायलों का बाजपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज कराया गया। उसके बाद ठेकेदार ने घायलों, चोटिल और अन्य लेबर को गोपनीय स्थान पर भेज दिया। सूचना पाकर भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष विमल शर्मा, खीम सिंह दानू, बलविंदर सिंह गौराया समेत दर्जनों लोगों ने मौके पर पहुंचकर हंगामा किया।
भाजपाइयों ने पुल निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग करने का आरोप लगाया। डीएम के निर्देश पर तहसीलदार सुदेश चंद, नायब तहसीलदार प्रताप राम आर्य, राजस्व निरीक्षक कुंवर सिंह, एसआई अजेंद्र सिंह, लोनिवि ईई जीसी विश्वकर्मा, सहायक अभियंता जीसी पंतौला, जेई दीपचंद कांडपाल ने मौके पर स्थलीय मुआयना कर जांच पड़ताल की।