रुद्रपुर। ग्राम बैकुंडपुर शक्तिफार्म में रहने वाली गीता तरफदार ने बकरी पालन से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदली है। उन्होंने चार साल पहले वर्ष 2022 को जय हिंद जय भारत स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की राह चुनी। उनका जीवन कभी आसान नहीं था लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति और दिव्यांग पुत्र की देखभाल की जिम्मेदारी उन पर थी। उन्हें मजदूरी भी नियमित रूप से नहीं मिलती थी। वर्ष 2023-24 में वित्तपोषित ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना ने उन्हें सहायता पैकेज के लिए चुना। परियोजना से 35,000 रुपये की वित्तीय सहायता मिली जिसमें उन्होंने 11,100 रुपये का अंशदान किया। गीता तरफदार ने चार मादा बकरियों, एक नर बकरे और चार-पांच छोटे बच्चों के साथ उद्यम शुरू किया। आज उनके पास लगभग 16 बकरियां हैं। वे प्रति तिमाही नौ से 12 हजार रुपये कमा रही हैं।