बाजपुर। मेडिकल में बेटे को दाखिला दिलाने के लिए यूपी के नगर पंचायत चेयरमैन ने उत्तराखंड के फर्जी जाति और स्थायी प्रमाण पत्र बनवा लिए। जांच में पकड़े गए चेयरमैन ने खुद यह कुबूल किया है कि उसने 50 हजार रुपये देकर यह खेल किया था।
बरखेड़ा नगर पंचायत पीलीभीत के चेयरमैन श्याम बिहारी भोजवाल निवासी दौलतपुर रोड बरखेड़ा तहसील बीसलपुर ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने पुत्र अनुराग भोजवाल का दाखिला सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में कराने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया।इसके लिए उसने 03 जुलाई 2026 को पिछड़ी जाति प्रमाण पत्र और 06 जुलाई 2026 को स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी करवाया। चेयरमैन के मुताबिक इसके लिए उसने बरेली निवासी हरपाल को 50,000 रुपये नगद दिए थे।
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ऐसे बुना गया जाल
बाजपुर। सीओ अखलेश कुमार ने बताया चेयरमैन श्याम बिहारी ने अपने बयान में कहा है कि इस पूरे कार्य में शिवम माथुर निवासी तुला शेरपुर बरेली, रोहित निवासी हरलालपुर तहसील बाजपुर और अर्चना निवासी ग्राम मुंडिया कला तहसील बाजपुर ने मदद की। पुलिस को शिवम माथुर ने बताया कि वह रोहित के माध्यम से चेयरमैन को अर्चना के घर ले गया था और फर्जी तौर पर किरायेदार तस्दीक करने को कहा था। अर्चना ने भी माना कि रोहित चेयरमैन आदि को उसके पास फर्जी किरायेदार बनाने के लिए लाया था। वहीं रोहित ने कुबूला कि उसी ने अनुराग भोजवाल के लिए अर्चना के घर पर किराये के मकान की व्यवस्था कराई थी। चेयरमैन ने यह भी बताया कि तहसील बाजपुर के एक अधिवक्ता ने भी इस कार्य में मदद की, जिससे हरपाल ने उसे मिलवाया था। उसे वकील का नाम याद नहीं है। पुलिस ने बरामद मोबाइलों में फर्जी दस्तावेजों के साक्ष्य मिलने की बात कही है। प्रशासन ने दोनों प्रमाण पत्र निरस्त करते हुए पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। आशंका है कि इसी तरह कई अन्य छात्रों ने भी फर्जी प्रमाण पत्रों से मेडिकल और अन्य सरकारी संस्थानों में प्रवेश लिया हो।
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फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दिक्षा कुमारी का अनाथ प्रमाण पत्र भी बना था। जो सितंबर माह में जारी किया गया था। इस अनाथ प्रमाण पत्र सहित सात प्रमाण पत्रों को निरस्त कर दिया गया है।
ऋचा सिंह एसडीएम बाजपुर