खटीमा। होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में व्यावसायिक सिलिंडर उपलब्ध न होने से अब इंडक्शन और तंदूर में रोटियां बनने लगी हैं। कई रेस्टोरेंट और होटल संचालकों ने अपना मेन्यू तक बदल दिया है। यदि जल्द ही गैस सिलिंडर की किल्लत दूर नहीं हुई तो कई रेस्टोरेंट व होटल बंद होने के कगार पर पहुंच सकते हैं। इसके अलावा होटलों व रेस्टोरेंटों में काम करने वाले लोग भी बेरोजगार हो जाएंगे।
बोले व्यवसायी
व्यावसायिक सिलेंडर नहीं मिलने से रेस्टोरेंटों में मिठाई समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। यदि जल्द ही सिलिंडर उपलब्ध नहीं हुए तो रेस्टोरेंट और होटलों के कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। - दिनेश अग्रवाल, रेस्टोरेंट स्वामी
व्यावसायिक सिलिंडरों की कमी होने से होटल व्यवसाय प्रवाहित हो रहा है। होटल में ज्यादातर भोजन बनाने के लिए इंडक्शन, ओवन और तंदूर का प्रयोग किया जा रहा है। गैस पर बनने वाले भोजन कम ही मात्रा में बनाया जा रहा है। - दीपक कापड़ी, होटल व्यवसायी
सिलिंडर की कमी के कारण मिठाइयां और अन्य खाद्य पदार्थों को कम मात्रा में बनाना शुरू कर दिया है। यदि यह समस्या इसी तरह जारी रही तो रेस्टोरेंट का काम प्रवाभित होगा। - सुरेंद्र सिंह, रेस्टोरेंट स्वामी
सिलिंडर न मिलने से ढाबों में कारोबार प्रभावित हो रहा है। अगर यही हालत रही तो एक-दो दिन में ढाबा बंद करना पड़ जाएगा। इस संबंध में सरकार को जल्द ही फैसले लेने की जरूरत है । - ईश्वरी दत्त अटवाल, व्यवसायी